राम मंदिर दान चोरी केस में आज बड़ा दिन! टिन्नू और सुभाष होंगे आमने-सामने, रिमांड पर अदालत सुनाएगी फैसला
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में मंगलवार को अहम घटनाक्रम सामने आ सकता है। मामले के चर्चित आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव की पुलिस कस्टडी रिमांड पर अदालत आज फैसला सुनाएगी। यदि रिमांड मंजूर होती है तो दोनों आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी, जिससे जांच एजेंसी को मामले की कई अहम कड़ियां जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अब तक इस मामले में आठ आरोपियों में से चार से पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि अब टिन्नू और सुभाष से पूछताछ के जरिए चढ़ावा चोरी और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी। दोनों आरोपियों को उन स्थानों पर भी ले जाने की तैयारी है, जहां पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कराई जा चुकी है।
अदालत में सात दिन की रिमांड की मांग
आरोपियों की ओर से नियुक्त अधिवक्ता कुलशेखर सिंह के अनुसार, विवेचक ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया है। इस आवेदन पर मंगलवार को सुनवाई होगी और अदालत रिमांड को लेकर फैसला सुनाएगी।
पहले गिरफ्तार आरोपियों से मिले कई अहम सुराग
जांच के दौरान पहले पुलिस कस्टडी में लिए गए चार आरोपियों ने कथित तौर पर वह स्थान दिखाया, जहां चढ़ावे की राशि का बंटवारा किया जाता था। पुलिस ने अविनाश शुक्ला से पूछताछ के बाद जीजा-साले अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के साथ करुणेश से भी पूछताछ की। जांच एजेंसी ने सभी के बयानों का मिलान कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं।
गणना कक्ष में टिन्नू की भूमिका की भी जांच
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अब तक पूछताछ में शामिल चार आरोपियों ने यह स्वीकार किया है कि गणना कक्ष में टिन्नू का प्रभाव था। हालांकि किसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि चढ़ावे की राशि के बंटवारे के समय वह मौजूद रहता था या नहीं। इसी पहलू की पुष्टि के लिए पुलिस अब टिन्नू से विस्तृत पूछताछ करना चाहती है।
टिन्नू और सुभाष से एक साथ क्यों होगी पूछताछ?
जांच एजेंसी का मानना है कि सुभाष श्रीवास्तव की जिम्मेदारी गणना कक्ष में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने से जुड़ी थी। पुलिस को संदेह है कि ड्यूटी निर्धारण में टिन्नू की भूमिका रही हो सकती है। यही कारण है कि दोनों से आमने-सामने पूछताछ की योजना बनाई गई है।
पुलिस के अनुसार, सुभाष एकमात्र ऐसा आरोपी है, जिसके पास से अब तक कोई बरामदगी नहीं हुई है। ऐसे में संयुक्त पूछताछ से कर्मचारियों की नियुक्ति, ड्यूटी आवंटन और अन्य पहलुओं से जुड़े तथ्यों की जानकारी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद रमाशंकर मिश्रा और मनीष यादव से भी पूछताछ प्रस्तावित है।
केस दर्ज होने से पहले तक मंदिर आता-जाता रहा टिन्नू
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मामला चर्चा में आने और टिन्नू का नाम प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आने के बावजूद उसके मंदिर परिसर और घर आने-जाने पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि मामला दर्ज होने से पहले तक उसका आना-जाना जारी रहा। सूत्रों का यह भी दावा है कि इसी कारण उसके पास से केवल एक लाख रुपये की बरामदगी हो सकी।
27 जुलाई तक बढ़ी सभी आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा अदालत ने 27 जुलाई तक बढ़ा दी है। न्यायालय ने सभी आरोपियों को इसी अवधि तक जिला कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया है। इससे पहले 29 जून को सभी आरोपियों को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया गया था। न्यायिक अभिरक्षा की अवधि पूरी होने पर सोमवार को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद प्रभारी न्यायालय ने अभिरक्षा अवधि बढ़ाने का आदेश दिया।
