AI और रोबोटिक्स में बड़ी छलांग लगाएगा उत्तर प्रदेश, लखनऊ-नोएडा में 100 करोड़ से बनेंगे हाईटेक ‘यू हब’; 75 एकड़ में बनेगा देश का पहला रोबोटिक्स क्लस्टर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस व्यापक कार्ययोजना को मंजूरी दी। इसके तहत लखनऊ और नोएडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से दो अत्याधुनिक ‘यू हब’ स्थापित किए जाएंगे, जबकि नोएडा में 75 एकड़ क्षेत्र में देश का पहला एकीकृत रोबोटिक्स एवं एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जाएगा।
नोएडा में बनेगा देश का पहला एकीकृत रोबोटिक्स क्लस्टर
बैठक में जानकारी दी गई कि नोएडा में करीब 75 एकड़ क्षेत्र में ‘प्रगति’ परियोजना विकसित की जाएगी। इस परियोजना के तहत रोबोटिक्स परीक्षण केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग सुविधा, मोशन कैप्चर लैब और फिजिकल एआई डेटा सेंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बेहतर कनेक्टिविटी और डिफेंस कॉरिडोर की उपलब्धता को देखते हुए इस परियोजना के लिए नोएडा का चयन किया गया है।
लखनऊ और नोएडा में बनेंगे दो आधुनिक ‘यू हब’
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट से लखनऊ और नोएडा में दो ‘यू हब’ स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। आईआईटी कानपुर के निदेशक की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति के मॉडल के अनुसार नोएडा ‘यू हब’ में क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर डिजाइन, डिफेंस टेक और रोबोटिक्स पर विशेष फोकस रहेगा।
वहीं लखनऊ ‘यू हब’ में एप्लाइड एआई, गवटेक, हेल्थकेयर एआई समाधान, बायोसाइंस और कृषि जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। यह मंच शोध संस्थानों की तकनीकों को उद्योग और निवेशकों से जोड़ने का कार्य करेगा।
एक लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना
सरकार का मानना है कि इस महत्त्वाकांक्षी पहल से केवल तकनीकी विकास ही नहीं होगा, बल्कि बड़े स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। अनुमान है कि इस परियोजना के माध्यम से एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही आयात पर निर्भरता कम करने और अगले पांच वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का सकल मूल्य संवर्धन होने की संभावना है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंचेगा आईटी विस्तार
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र का विस्तार केवल नोएडा और गाजियाबाद तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ प्रदेश के टियर-2 और टियर-3 शहरों तक भी पहुंचे। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी नीति को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक और निवेशक-अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया।
युवाओं को मिलेगी वैश्विक स्तर की तकनीकी ट्रेनिंग
सरकार एआई, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और प्रमाणन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करेगी। इसका उद्देश्य युवाओं को वैश्विक तकनीकी कंपनियों और ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।
