यूपी में OBC छात्रों को बड़ी राहत! छात्रावासों का होगा कायाकल्प, छात्राओं के लिए 43 सुरक्षित हॉस्टल; आर्थिक तंगी नहीं रोकेगी पढ़ाई
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई को निरंतर बनाए रखने के लिए छात्रावास निर्माण और अनुरक्षण योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए जरूरतमंद विद्यार्थियों को सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक तंगी उनकी शिक्षा में बाधा न बने।
102 छात्रावासों में पढ़ाई कर रहे हजारों विद्यार्थी
प्रदेश में वर्तमान समय में अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कुल 102 छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 43 छात्रावास छात्राओं और 59 छात्रावास छात्रों के लिए निर्धारित हैं। इन छात्रावासों में लगभग 5,400 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 2,013 छात्र-छात्राओं ने इन छात्रावासों में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की है।
राजकीय शिक्षण संस्थानों के परिसर में बने हैं छात्रावास
सरकार की नीति के तहत छात्रावासों का निर्माण राजकीय शिक्षण संस्थानों के परिसरों में कराया गया है। इससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, अनुशासित और अध्ययन के अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में इससे सुविधा मिल रही है।
पुराने छात्रावासों का तेजी से हो रहा जीर्णोद्धार
सरकार केवल नए छात्रावासों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पुराने भवनों के अनुरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। छात्रावास अनुरक्षण योजना के तहत मरम्मत और सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष सचिव (पिछड़ा वर्ग कल्याण) की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जो तकनीकी और वित्तीय परीक्षण के बाद ही प्रस्तावों को मंजूरी देती है।
8 छात्रावासों की मरम्मत पूरी, नए सत्र की तैयारी
समीक्षा के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में जीर्णोद्धार के लिए चयनित 10 छात्रावासों में से 8 का मरम्मत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष दो में कार्य अंतिम चरण में है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में 8 और पुराने छात्रावासों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया है, जिनका जल्द ही नवीनीकरण कराया जाएगा।
निर्धन विद्यार्थियों के लिए मजबूत सहारा बनी योजना
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अनुसार यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का मजबूत आधार बन रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र या छात्रा की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न हो। छात्रावासों की उपलब्धता से विशेष रूप से बेटियों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा जारी रखने का अवसर मिल रहा है।
