उत्तराखंड

इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर युवती और सहेलियों को भेजे अश्लील मैसेज, आरोपी को एक साल की जेल; कोर्ट ने सुनाई सजा

नैनीताल: सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर युवतियों को अश्लील मैसेज भेजने के मामले में नैनीताल कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि रंजन की अदालत ने आरोपी सुरेंद्र सिंह को दोषी करार देते हुए एक साल के कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही जुर्माने की राशि में से 13 हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं।

फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर किया उत्पीड़न

मामले की शुरुआत 8 मई 2020 को हुई थी, जब भवाली कोतवाली में निजी विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि एक अज्ञात व्यक्ति फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर लगातार अश्लील मैसेज भेज रहा है।

इसके बाद यह मामला अन्य छात्राओं तक भी पहुंचा, जिसके बाद पीड़िताओं ने पुलिस से शिकायत की और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस जांच में सामने आया आरोपी

पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी सुरेंद्र सिंह, जो कि जिला जालंधर के करतारपुर क्षेत्र का निवासी है, ने फर्जी आईडी बनाकर न सिर्फ पीड़िता बल्कि उसकी सहेलियों को भी अश्लील संदेश भेजे थे।

पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।

9 गवाह और 16 दस्तावेजी साक्ष्य पेश

अभियोजन पक्ष ने अदालत में 9 गवाह और 16 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है।

हालांकि, सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने फर्जी सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से पीड़िता की गरिमा का उल्लंघन किया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री का प्रसार किया, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।