UP Link Expressway Update: यूपी के 4 लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा अपडेट, भूमि अधिग्रहण में देरी से अटका काम; जानें कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चार महत्वपूर्ण लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बावजूद इन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण की धीमी गति के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इससे राज्य की महत्वाकांक्षी सड़क कनेक्टिविटी योजनाओं की रफ्तार पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अब तक सिर्फ 0.95 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो सका है। वहीं झांसी लिंक एक्सप्रेसवे में अब तक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाई है। दूसरी ओर जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए करीब 25 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है।
भूमि अधिग्रहण में सबसे बड़ी चुनौती
इन चारों परियोजनाओं के लिए कुल 3678 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है, जिसमें से अब तक केवल 491 हेक्टेयर भूमि ही अधिग्रहण की जा सकी है। यही धीमी प्रगति इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने में सबसे बड़ी बाधा बन रही है।
हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मई माह के भीतर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हर हाल में पूरी की जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि किसानों से सीधे संवाद कर प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि परियोजनाएं जल्द शुरू हो सकें।
कौन-कौन से एक्सप्रेसवे शामिल हैं
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे लगभग 80 किलोमीटर लंबा होगा, जो गंगा एक्सप्रेसवे को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगा। यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगी।
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे करीब 92 किलोमीटर लंबा होगा, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को इटावा के कुदरैल क्षेत्र से जोड़ेगा।
आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे लगभग 70 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है, जो आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर प्रदेश की सड़क नेटवर्क को मजबूत करेगा।
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 115 किलोमीटर होगी, जो बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से शुरू होकर जालौन और झांसी क्षेत्र को कवर करेगा।
भूमि अधिग्रहण की स्थिति
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 837 हेक्टेयर भूमि में से 205 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। वहीं फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1116 हेक्टेयर भूमि में से 281 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण हो चुका है।
इसके मुकाबले आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे की स्थिति बेहद धीमी है, जबकि झांसी लिंक एक्सप्रेसवे में अब तक कोई प्रगति दर्ज नहीं की गई है।
सरकार का लक्ष्य जल्द काम शुरू करने का
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के अनुसार इन सभी परियोजनाओं पर जल्द से जल्द काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के लिए बजट जारी कर दिया गया है और जिलाधिकारियों को तेजी से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कब तक पूरा होगा काम
हालांकि सरकार की ओर से परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन जमीन अधिग्रहण की धीमी गति को देखते हुए फिलहाल तय समयसीमा पर सवाल बने हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार यदि प्रक्रिया तेज होती है तो जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।
