बोधगया में ढुंगेश्वरी मंदिर के लिए रोपवे सेवा की तैयारी तेज, जुलाई से श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत
बोधगया: ढुंगेश्वरी पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध मंदिर तक पहुंच अब आसान होने जा रही है। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे रोपवे प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई 2026 से इसकी पहली यूनिट आम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए शुरू कर दी जाएगी।
कठिन चढ़ाई से मिलेगी राहत, आसान होगा सफर
अभी तक ढुंगेश्वरी मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पथरीले और खड़ी चढ़ाई वाले रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे बुजुर्ग और अस्वस्थ यात्रियों को काफी कठिनाई होती है। रोपवे शुरू होने के बाद यह यात्रा न केवल आसान होगी, बल्कि सुरक्षित और कम समय में पूरी हो सकेगी।
12 यात्रियों की क्षमता, दो चरणों में विकसित परियोजना
रोपवे परियोजना में चार आधुनिक केबिन लगाए गए हैं, जिनमें एक बार में 12 यात्री ऊपर और 12 यात्री नीचे यात्रा कर सकेंगे। यह रोपवे लगभग 309 मीटर की दूरी तय करेगा। परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जा रहा है, जिसमें पहला चरण सीधे ढुंगेश्वरी मंदिर तक और दूसरा चरण मंदिर से पहाड़ी की चोटी तक पहुंच की सुविधा देगा।
ट्रायल के बाद होगा उद्घाटन
पर्यटन विभाग के अनुसार पहले चरण का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अब तकनीकी परीक्षण यानी ट्रायल की प्रक्रिया शेष है। ट्रायल सफल होने के बाद इसे जल्द ही आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा, जबकि दूसरे चरण के निर्माण में अभी कुछ समय और लग सकता है।
पर्यटन विकास को मिलेगा नया आयाम
रोपवे परियोजना के साथ ही क्षेत्र में टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर का निर्माण भी तेजी से जारी है। इससे देशी और विदेशी पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और ढुंगेश्वरी मंदिर क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होगा।
स्थानीय लोगों में उत्साह
रोपवे सेवा जल्द शुरू होने की खबर से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि बोधगया क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास को भी नई दिशा देगी।
