उत्तर प्रदेश

अतीक के बेटों अली-उमर की भाई अहजम से होगी एक घंटे मुलाकात, हाईकोर्ट ने दी सशर्त इजाजत

प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद के तीनों बेटों अली, उमर और अहजम की प्रयागराज में एक घंटे तक मुलाकात होगी। छोटे भाई आबान अहमद के जनाजे और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अली और उमर को कस्टडी पैरोल मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों को अपनी बुआ परवीन कुरैशी और छोटे भाई अहजम अहमद से एक घंटे मुलाकात की अनुमति दी है। यह मुलाकात पुलिस की मौजूदगी में तय स्थान पर होगी। अंतिम संस्कार और परिजनों से मुलाकात पूरी होने के बाद अली और उमर को वापस संबंधित जेलों में भेज दिया जाएगा।

कस्टडी पैरोल पर सरकार ने नहीं जताई सैद्धांतिक आपत्ति

इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकीलों ने अली और उमर को कस्टडी पैरोल देने पर कोई सैद्धांतिक आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद अदालत ने मानवाधिकार और न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पैरोल के दौरान दोनों भाई प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे। उन्हें किसी सार्वजनिक सभा या जुलूस में शामिल होने की भी अनुमति नहीं होगी। जनाजे के दौरान वे केवल धार्मिक रस्में कराने वाले धर्मगुरु, अपनी बुआ और भाई से बातचीत कर सकेंगे।

छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होंगे अली और उमर

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतीक अहमद के जेल में बंद बेटों मोहम्मद उमर और अली अहमद को उनके छोटे भाई आबान अहमद के जनाजे में शामिल होने और अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्में निभाने के लिए सशर्त कस्टडी पैरोल मंजूर की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने अतीक की बहन परवीन कुरैशी की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।

याचिका में बताया गया कि आबान अहमद की 6 अगस्त को झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके बड़े भाई मोहम्मद उमर लखनऊ जिला जेल और अली अहमद झांसी जिला जेल में बंद हैं। दोनों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होकर छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इच्छा जताई थी।

अधिवक्ता सफदर काजमी ने अदालत को बताया कि आबान की अंतिम रस्में और जनाजा 8 अगस्त को रात करीब 8 बजे प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अदा किया जाएगा। इसके बाद अदालत ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि दोनों भाइयों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाए। जेल से बाहर आने से लेकर वापस जेल पहुंचने तक उनकी सुरक्षा की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी।

उमर ने कोर्ट से कहा- अली से तीन साल से नहीं मिला

शुक्रवार को पैरोल याचिका पर सुनवाई के दौरान उमर और अली को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान उमर ने कोर्ट से अपने भाई अली से बात करने की अनुमति मांगी। उसने बताया कि करीब तीन साल से उसकी अली से मुलाकात नहीं हुई है।

अनुमति मिलने के बाद उमर ने अली से हौसला बनाए रखने की बात कही। उसने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और मीडिया की ओर से दबाव आने की स्थिति में भी कुछ नहीं बोलना है। यह बात अदालत की उस हिदायत के मद्देनजर कही गई, जिसमें दोनों को मीडिया के सामने बयान देने और जुलूस में शामिल होने से रोक दिया गया है।

अली पहले भी दे चुका है मीडिया में बयान

अतीक के बेटों के व्यवहार को जानने वाले लोगों के मुताबिक, उमर गंभीर स्वभाव का है, जबकि अली का व्यवहार उससे अलग है। पिछले साल अली को नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जेल स्थानांतरित किए जाने के दौरान उसने मीडिया से बातचीत की थी। उसका बयान काफी वायरल हुआ था।

उस समय अली ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा था कि अब और न सताया जाए और जो हो गया, उसे वहीं छोड़ दिया जाए। उसने झांसी जेल स्थानांतरित किए जाने को लेकर भी नाराजगी जताई थी। अब पैरोल मिलने के बाद शुक्रवार देर रात झांसी जिला जेल से अली के बाहर आने को लेकर हलचल तेज हो गई थी।

बुआ परवीन की याचिका पर हुई सुनवाई

अली और उमर को छोटे भाई के जनाजे में शामिल कराने के लिए अतीक की बहन परवीन कुरैशी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अधिवक्ता सफदर काजमी ने अदालत को बताया कि परवीन, उमर और अली की बुआ हैं और सुप्रीम कोर्ट पहले अतीक के दोनों बेटों के लिए उन्हें संरक्षक बना चुका है।

इसके बाद अदालत ने दोनों भाइयों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करने का निर्देश दिया। करीब आधे घंटे बाद दोनों को अदालत से जोड़ा गया। उन्होंने कोर्ट के सामने जनाजे में शामिल होने की इच्छा जताई और कहा कि याचिका उनकी सहमति से दाखिल की गई है। दोनों ने अदालत की सभी शर्तों का पालन करने की बात भी कही।

परिवार से एक घंटे मुलाकात की मांग

सुनवाई के दौरान उमर ने अपने भाई अली और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने की अनुमति देने की भी गुहार लगाई। उसने कहा कि वह पिछले तीन साल से जेल में बंद भाई और परिवार के अन्य सदस्यों से नहीं मिला है और अपने परिवार को ढांढस देना चाहता है।

इस पर अदालत ने शासकीय अधिवक्ता से कहा कि उमर और अली की उनके भाई अहजम अहमद तथा बुआ परवीन कुरैशी से एक घंटे की मुलाकात की व्यवस्था कराई जाए।

अदालत में अंग्रेजी में भी दिए जवाब

अतीक अहमद के पांचों बेटों ने सेंट जोसेफ स्कूल एंड कॉलेज से शिक्षा हासिल की है। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान उमर और अली ने अदालत में अंग्रेजी में भी बातचीत की और कोर्ट की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब दिया।

आदेश लिखवाए जाने के बाद अदालत ने दोनों से पूछा कि क्या वे आदेश समझ गए हैं और उन्हें कोई परेशानी तो नहीं हुई। इस पर दोनों ने अंग्रेजी में जवाब देते हुए कहा कि वे अदालत का आदेश पूरी तरह समझ गए हैं।