झारखंड सरकार और छात्रों के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी विफल, परीक्षा रद्द होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े अभ्यर्थी
रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में करीब पौने दो घंटे चली बैठक में सरकार के चार मंत्री और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा से जुड़े छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शामिल हुए।
परीक्षा रद्द होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
बैठक के दौरान छात्रों ने सरकार के सामने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि विवादित परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द किए जाने तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। छात्र नेताओं ने 10 अगस्त को पूर्व निर्धारित विधानसभा घेराव के कार्यक्रम को भी दोहराया है।
सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव ने छात्र प्रतिनिधियों की मांगें सुनीं। मंत्रियों ने आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से धरना स्थगित करने की अपील की। सरकार ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने को लेकर वह गंभीर है।
सरकार ने सुझावों के लिए जारी किया ईमेल
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार किसी एक छात्र संगठन तक सीमित रहकर निर्णय नहीं लेगी। राज्य के युवाओं और सभी संबंधित पक्षों से परीक्षा सुधार को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने एक विशेष ईमेल आईडी जारी की है, जिस पर छात्र और आम नागरिक अपने सुझाव भेज सकते हैं।
सरकार का कहना है कि परीक्षा सुधार को लेकर नीति तैयार करते समय प्राप्त सुझावों को भी ध्यान में रखा जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार और छात्रों के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे जारी रहेगी तथा अन्य छात्र संगठनों से भी बातचीत की जाएगी।
सरकार बोली- जांच और कार्रवाई पहले ही हो चुकी
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को लेकर शुरुआत से संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि मामले की सीआईडी जांच कराई गई, छापेमारी की गई और आरोपियों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
मंत्री ने विपक्षी दलों पर इस मुद्दे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। हालांकि, छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग में कोई बदलाव नहीं हुआ है और परीक्षा रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पहली वार्ता में भी नहीं निकला था समाधान
इससे पहले शुक्रवार को राज्य सरकार और छात्रों के बीच पहले दौर की वार्ता हुई थी। उस बैठक में भी दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया था। दूसरे दौर की बातचीत विफल होने के बाद सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच गतिरोध बरकरार है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव पर नजर
छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम पहले से तय कर रखा है। परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े छात्रों के इस ऐलान के बाद आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना है। फिलहाल सरकार की ओर से बातचीत जारी रखने की बात कही गई है, जबकि छात्र अपनी मुख्य मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
