गुरुग्राम मेट्रो को मिली रफ्तार: सभी अड़चनें खत्म, बढ़ी लागत को मंजूरी; अब रेलवे स्टेशन तक दौड़ेगी मेट्रो
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए इसके सभी प्रमुख अड़चनों को दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी गई है, साथ ही फंडिंग और विस्तार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिल गई है।
मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी
कैबिनेट ने गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक बनने वाली मेट्रो लाइन की संशोधित लागत 7,098.70 करोड़ रुपये को स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही परियोजना से जुड़े अन्य वित्तीय और तकनीकी प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई है।
वर्ल्ड बैंक से मिलेगा फंड, बदला वित्तीय स्रोत
सरकार ने परियोजना के लिए अब यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक के स्थान पर वर्ल्ड बैंक से सॉफ्ट लोन लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से 2,415.79 करोड़ रुपये के अंशदान को भी मंजूरी दी गई है, जिससे परियोजना के वित्तपोषण को मजबूती मिलेगी।
रेलवे स्टेशन तक भी पहुंचेगी मेट्रो कनेक्टिविटी
परियोजना में सबसे बड़ा बदलाव गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक मेट्रो विस्तार को मंजूरी के रूप में सामने आया है। सेक्टर-5 मेट्रो स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक करीब 1.80 किलोमीटर लंबी स्पर लाइन बनाई जाएगी, जिससे यात्रियों को मेट्रो और रेल के बीच सीधा और आसान कनेक्शन मिलेगा।
28.50 किलोमीटर लंबा होगा पूरा कॉरिडोर
गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 28.50 किलोमीटर होगी, जिसमें 27 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख कॉरपोरेट और रिहायशी इलाकों को जोड़ते हुए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगा।
रैपिड मेट्रो से इंटीग्रेशन को भी मंजूरी
कैबिनेट ने रैपिड मेट्रो इंटीग्रेशन से जुड़ी रिपोर्ट को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत सेक्टर-33 में 22.86 हेक्टेयर भूमि पर आधुनिक डिपो और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पूरी मेट्रो प्रणाली अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगी।
मुख्यमंत्री को मिले अहम अधिकार
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक बदलावों को मंजूरी देने का अधिकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास रहेगा, ताकि कार्यों में तेजी लाई जा सके।
दिल्ली-NCR के यात्रियों को बड़ी राहत की उम्मीद
सरकार का दावा है कि इस मेट्रो परियोजना के पूरा होने के बाद गुरुग्राम में ट्रैफिक दबाव में बड़ी कमी आएगी और रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को तेज, सुगम और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
