झारखंड के मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! रिम्स में MBBS की 250 सीटों को मिली NMC की मंजूरी, इसी सत्र से मिलेगा दाखिला
नई दिल्ली: झारखंड में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 करने के प्रस्ताव को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मंजूरी दे दी है। अब चालू शैक्षणिक सत्र से रिम्स में 250 छात्रों का प्रवेश होगा, जिससे राज्य के मेडिकल अभ्यर्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
मेडिकल शिक्षा का बढ़ेगा दायरा
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग लंबे समय से रिम्स समेत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटों में वृद्धि के लिए प्रयास कर रहा था। विभाग ने केंद्र सरकार और एनएमसी को आवश्यक प्रस्ताव, अनुपालन रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए थे, जिसके बाद यह मंजूरी मिली।
बढ़ी सीटों के अनुरूप तैयारियां पूरी
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बढ़ी हुई सीटों के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, हॉस्टल, क्लासरूम, प्रयोगशालाओं और अन्य संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की गई थी।
इससे पहले पहले चरण में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 की गई थी। अब दूसरे चरण में रिम्स की सीटें 180 से बढ़ाकर 250 कर दी गई हैं। राज्य सरकार भविष्य में अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- चिकित्सा शिक्षा में नई क्रांति की शुरुआत
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह झारखंड के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रही है और उसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। रिम्स सहित पूरे स्वास्थ्य तंत्र में कमियों को दूर करने के लिए तेजी से काम किया गया है और आने वाले समय में रिम्स नए स्वरूप में पूरे देश के सामने होगा।
राज्य के विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटें बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधारभूत ढांचा, फैकल्टी, आधुनिक उपकरण, प्रयोगशालाएं, छात्रावास और अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
रिम्स प्रशासन ने जताई प्रतिबद्धता
रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डी. के. सिन्हा ने कहा कि एमबीबीएस सीटों में वृद्धि रिम्स और पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि रिम्स प्रशासन एनएमसी के सभी मानकों का पालन करते हुए विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज और रिम्स में सीटों की संख्या बढ़ने से राज्य के छात्रों को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही भविष्य में झारखंड को अधिक प्रशिक्षित चिकित्सक मिलेंगे, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
