वैश्विक संकट के बीच यूपी सरकार हाई अलर्ट पर, श्रम मंत्री की आपात बैठक में बड़े फैसले; वर्क फ्रॉम होम और स्टैगर्ड टाइमिंग लागू करने के निर्देश
लखनऊ: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में आ गई है। प्रधानमंत्री की अपील और मुख्यमंत्री द्वारा तैयारियों की समीक्षा के बाद शुक्रवार, 15 मई 2026 को प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रम विभाग और संबंधित संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और संभावित आर्थिक एवं रोजगार संकट से निपटने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन, श्रमायुक्त कानपुर, निदेशक सेवायोजन लखनऊ, निदेशक कर्मचारी राज्य बीमा योजना, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सचिव समेत असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पश्चिम एशिया संकट के असर और उससे प्रदेश में रोजगार व औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव की विस्तार से समीक्षा की गई।
पश्चिम एशिया संकट और रोजगार पर असर को लेकर चिंता
बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले व्यापार में संभावित बाधा को गंभीर विषय माना गया। अधिकारियों ने आशंका जताई कि खाड़ी देशों में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो सकता है। साथ ही गैस और ऊर्जा आधारित उद्योगों की परिचालन लागत बढ़ने से प्रदेश में छंटनी और रोजगार संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इसे देखते हुए तत्काल रणनीतिक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की तैयारी
श्रम मंत्री ने निर्देश दिए कि बड़े उद्योगों और संस्थानों में कर्मचारियों के लिए सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने संबंधी एडवाइजरी जारी की जाए। सरकार का उद्देश्य संसाधनों पर दबाव कम करना और संभावित संकट के दौरान कार्य व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
स्टैगर्ड टाइमिंग से कम होगी भीड़ और दबाव
बैठक में कार्यालयों के समय को अलग-अलग शिफ्टों में बांटने का भी निर्णय लिया गया। स्टैगर्ड टाइमिंग व्यवस्था लागू होने से एक समय पर अधिक भीड़ नहीं होगी और परिवहन तथा अन्य संसाधनों पर पड़ने वाला दबाव भी कम किया जा सकेगा।
मेट्रो, बस और कार पूलिंग को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। श्रमिकों और कर्मचारियों को मेट्रो, बस और कार पूलिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि ईंधन और संसाधनों की बचत सुनिश्चित हो सके।
प्रभावित नागरिकों के लिए बनेगी हेल्पडेस्क
पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित होने वाले नागरिकों की सहायता के लिए तत्काल हेल्पडेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ई-श्रम पोर्टल के डेटा का इस्तेमाल कर प्रभावित लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है।
मजदूरी दरों की जानकारी और मासिक समीक्षा के निर्देश
श्रमायुक्त कार्यालय को निर्देशित किया गया है कि विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की अद्यतन मजदूरी दरों की जानकारी नियमित रूप से श्रमिकों तक पहुंचाई जाए। इसके अलावा निर्माण श्रमिकों के हितलाभ संबंधी आवेदनों की हर महीने अनिवार्य समीक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर
संकट की स्थिति में अफवाहों को रोकने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन किया जाए और समन्वय के जरिए हालात को नियंत्रित रखा जाए। क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने कम्युनिकेशन सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय रखने के आदेश दिए गए हैं।
ऊर्जा बचत और श्रमिकों के स्वास्थ्य पर फोकस
औद्योगिक इकाइयों और स्टार्टअप्स के साथ बैठक कर ऊर्जा एवं संसाधन बचत के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही श्रमिकों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए कम तेल वाले भोजन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश
बैठक के अंत में श्रम मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रम विभाग की सभी कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े श्रमिक तक हर हाल में पहुंचे। साथ ही जिन विभागीय कार्यालयों के भवन निर्माण कार्य लंबित हैं, वहां प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।
