Monday, August 31, 2026
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छत्तीसगढ़

जनता से अशिष्ट व्यवहार पर मुख्यमंत्री सख्त, दुर्ग जनपद सीईओ निलंबित—सुशासन तिहार में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस

रायपुर: सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में जनता के साथ कथित अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही के मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए, जिसके बाद दुर्ग संभागायुक्त ने निलंबन आदेश जारी कर दिया है।

वीडियो क्लिप और शिकायतों के बाद कार्रवाई
कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव और ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की वीडियो क्लिप के आधार पर यह सामने आया कि अधिकारी द्वारा आम नागरिकों से अशिष्ट व्यवहार किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती, जो शासन की अपेक्षाओं के विपरीत है।

कारण बताओ नोटिस का जवाब असंतोषजनक
संभागायुक्त दुर्ग द्वारा संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब को संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया।

आचरण नियमों के उल्लंघन का उल्लेख
निलंबन आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का हवाला दिया गया है। नियम 3 के अनुसार प्रत्येक शासकीय सेवक से सत्यनिष्ठ और कर्तव्यपरायण रहने की अपेक्षा की जाती है, जबकि नियम 3-क के तहत किसी भी अधिकारी द्वारा अपने कार्य के दौरान अशिष्ट व्यवहार को गंभीर आचरण उल्लंघन माना गया है।

जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
सरकारी व्यवस्था में जनता के प्रति शिष्ट व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे सुशासन का मूल आधार माना गया है। इसी नीति के तहत मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनता के साथ किसी भी प्रकार की अशिष्टता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

निलंबन अवधि में भत्ता मिलेगा
आदेश के अनुसार निलंबित अधिकारी को निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।