उत्तर प्रदेशलखनऊ

योगी सरकार का बड़ा फैसला! दिव्यांग पेंशन होगी ₹1500, दुकानों में 5% आरक्षण को भी मिली मंजूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सैद्धांतिक सहमति दी है। राज्य सलाहकार बोर्ड की आठवीं बैठक में दिव्यांगों की मासिक पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने, विकास प्राधिकरण, यूपीडा और औद्योगिक प्राधिकरणों की दुकानों के आवंटन में आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री की ओर से इन फैसलों को जल्द लागू कराने का आश्वासन भी दिया गया।

दिव्यांग पेंशन बढ़ाने पर बनी सहमति

मंगलवार को आयोजित राज्य सलाहकार बोर्ड की बैठक में दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10,44,022 पात्र दिव्यांगजनों को वर्तमान में 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। अब इसे बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है।

उन्होंने बताया कि कुष्ठावस्था पेंशन योजना के तहत 13,734 लाभार्थियों को 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन पहले से उपलब्ध कराई जा रही है।

दुकानों में आरक्षण 5 प्रतिशत करने की तैयारी

बैठक में विकास प्राधिकरण, यूपीडा और औद्योगिक प्राधिकरणों की दुकानों के आवंटन में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा संचालित दुकानों में भी दिव्यांगजनों को आरक्षण देने के प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही गई।

दुकान निर्माण और संचालन के लिए मिलेगा पूरा अनुदान

राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि वर्तमान में दिव्यांगजनों को दुकान निर्माण के लिए 20 हजार रुपये और संचालन के लिए 10 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। अब इस पूरी राशि को अनुदान के रूप में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है।

हर जिले में बांटी जाएंगी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल

सरकार ने इस वर्ष राज्य के प्रत्येक जिले में 15 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। साथ ही कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों पर मिलने वाले अनुदान की सीमा भी बढ़ा दी गई है। 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले 16 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र व्यक्तियों को 25 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

विशेष विद्यालयों और दिव्यांग सुविधाओं पर भी जोर

राज्य में वर्तमान में 21 विशेष विद्यालय और 7 नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को ब्रेल पद्धति से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है और उन्हें 4000 रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जा रही है।

इसके अलावा तीन से सात वर्ष आयु वर्ग के दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए 25 बचपन डे-केयर केंद्र संचालित हैं, जिनमें 1,431 बच्चे पंजीकृत हैं।

यूडीआईडी प्रक्रिया होगी और सरल

राज्यमंत्री ने कहा कि यूनीक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड की प्रक्रिया को और अधिक सरल तथा पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही विभिन्न जनपदों के सरकारी भवनों का एक्सेस ऑडिट भी कराया जाएगा, ताकि दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।

बैठक में एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी, विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, रामवीर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।