बिहार

बिहार में सस्ता नहीं होगा पेट्रोल-डीजल! विधान परिषद में सरकार ने खारिज किया प्रस्ताव, बताई बड़ी वजह

पटना: बिहार सरकार ने राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अपने स्तर पर कोई कटौती करने से साफ इनकार कर दिया है। मंगलवार को विधान परिषद में पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने से जुड़े एक गैर-सरकारी संकल्प को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। सरकार ने सदन में कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्य निर्धारण का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।

यूपी के बराबर कीमत करने की थी मांग

राजद सदस्य डॉ. सुनील कुमार सिंह ने गैर-सरकारी संकल्प पेश करते हुए मांग की कि बिहार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम से कम पड़ोसी उत्तर प्रदेश के बराबर की जाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश की तुलना में बिहार में पेट्रोल प्रति लीटर 11 रुपये और डीजल 5 रुपये महंगा है, जिसका प्रमुख कारण वैट है।

सरकार ने केंद्र के अधिकार का दिया हवाला

सरकार की ओर से जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों का मूल्य निर्धारण केंद्र सरकार करती है। उन्होंने संकल्प पेश करने वाले सदस्य से प्रस्ताव वापस लेने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इसे वापस लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद सदन में ध्वनिमत से मतदान कराया गया, जिसमें संकल्प निरस्त हो गया।

शिक्षकों की प्रोन्नति से जुड़ा प्रस्ताव भी नहीं हुआ मंजूर

विधान परिषद में स्थानीय निकायों के बेसिक और स्नातक ग्रेड शिक्षकों की लंबित प्रोन्नति से संबंधित गैर-सरकारी संकल्प भी ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। यह प्रस्ताव निर्दलीय सदस्य वंशीधर ब्रजवासी की ओर से लाया गया था।

उन्होंने मांग की कि पंचायत, प्रखंड, नगर शिक्षक, जिला परिषद के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापकों की लंबित प्रोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

नियमों का हवाला देकर सरकार ने किया विरोध

शिक्षा विभाग की ओर से मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने नियमों का हवाला देते हुए संकल्प वापस लेने का आग्रह किया। हालांकि प्रस्तावक इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को निरस्त कर दिया।