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लखनऊ के रियल एस्टेट बाजार में ईशा ग्रुप की एंट्री, 5,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना

टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के जरिए विस्तार की तैयारी, 2,500 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तेजी से विकसित हो रहे रियल एस्टेट बाजार में ईशा ग्रुप ने अपनी दस्तक दे दी है। कंपनी ने रविवार को लखनऊ में अपने रियल एस्टेट कारोबार का भव्य लॉन्च किया। समूह की ओर से शहर में टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी समेत कई बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट विकसित करने की योजना तैयार की गई है।

कंपनी के मुताबिक, लखनऊ में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए एयरपोर्ट के आसपास के रिहायशी क्षेत्र, सुल्तानपुर रोड और शहीद पथ जैसे तेजी से विकसित हो रहे प्रमुख इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सुविधाओं को एक ही परिसर में उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

लग्जरी अपार्टमेंट से लेकर विला और प्लॉट तक

ईशा ग्रुप की प्रस्तावित परियोजनाओं में अलग-अलग श्रेणी के आवासीय विकल्प उपलब्ध कराने की तैयारी है। इनमें लग्जरी अपार्टमेंट्स, विला और प्लॉट्स के साथ हाई-एंड कमर्शियल स्पेस विकसित किए जाने की योजना है।इसके अलावा परियोजनाओं में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, रेस्टोरेंट और कैफे जैसी व्यावसायिक सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। कंपनी का उद्देश्य ऐसे इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट तैयार करना है, जहां लोगों को घर के साथ-साथ रोजमर्रा की आवश्यक सुविधाएं भी एक ही परिसर में मिल सकें।

क्लब हाउस, स्विमिंग पूल और लैंडस्केप्ड गार्डन जैसी सुविधाएं

कंपनी के मुताबिक, प्रस्तावित टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में आधुनिक लाइफस्टाइल को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।इनमें क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, जिम, प्ले एरिया और लैंडस्केप्ड गार्डन्स जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही प्रीमियम स्कूल और हेल्थकेयर सुविधाओं को भी परियोजनाओं का हिस्सा बनाने की योजना है।सुरक्षा के लिए 24×7 सिक्योरिटी व्यवस्था के साथ चौड़ी सड़कों और बेहतर कनेक्टिविटी पर भी फोकस किया जाएगा।कंपनी का कहना है कि उसकी कोशिश ऐसे प्रोजेक्ट विकसित करने की है, जहां आवासीय सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन, खरीदारी और अन्य जरूरी सेवाएं भी परिसर के भीतर उपलब्ध हों।

थीम्ड टाउनशिप और मॉडर्न स्ट्रक्चर पर जोर

ईशा ग्रुप की परियोजनाओं की प्रमुख विशेषताओं में थीम्ड टाउनशिप, आधुनिक वास्तुशिल्प और व्यापक नागरिक सुविधाएं शामिल होंगी।
कंपनी के अनुसार, प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग में लोकेशन, कनेक्टिविटी और ग्राहकों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। ग्रुप का फोकस केवल आवासीय यूनिट उपलब्ध कराने के बजाय एक संपूर्ण लाइफस्टाइल कम्युनिटी विकसित करने पर रहेगा।

लखनऊ में 5,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना

ईशा ग्रुप के लिए लखनऊ महज एक नया बाजार नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में विस्तार की रणनीति का पहला बड़ा पड़ाव है।
कंपनी के अनुसार, लखनऊ में प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं में करीब 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। इन परियोजनाओं को अगले पांच वर्षों में पूरा कर ग्राहकों को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी का अनुमान है कि इन प्रोजेक्ट्स के विकास से निर्माण, रियल एस्टेट, सर्विस सेक्टर और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 2,500 रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

यूपी के दूसरे शहरों में भी विस्तार की तैयारी

ईशा ग्रुप के फाउंडर बृजेश सिंह ने कहा कि लखनऊ के रियल एस्टेट बाजार में काफी संभावनाएं हैं। कंपनी की कोशिश अच्छी लोकेशन पर बेहतर गुणवत्ता वाले घरों के साथ जरूरी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने की है।उन्होंने कहा कि लखनऊ से शुरुआत के बाद समूह उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों और देश के अन्य प्रमुख बाजारों में भी अपने प्रोजेक्ट्स लेकर आने की योजना बना रहा है।

बृजेश सिंह के मुताबिक, ईशा ग्रुप के साथ रियल एस्टेट क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ जुड़े हैं। कंपनी का जोर ग्राहकों और निवेशकों के हितों, निर्माण की गुणवत्ता और परियोजनाओं की बेहतर क्रियान्वयन प्रक्रिया पर रहेगा।समूह का नेतृत्व दो दशकों से अधिक समय का अनुभव रखने वाले अनुराग बाजपेई करेंगे।

गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी पर फोकस

ईशा ग्रुप के सीएमडी अनुराग बाजपेई ने कहा कि लखनऊ में समूह की शुरुआत कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसे प्रोजेक्ट विकसित करने पर ध्यान देगी, जिनकी पहचान बेहतर गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी से हो। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में लखनऊ में नए प्रोजेक्ट्स को भी समूह की विस्तार योजना में शामिल किया जाएगा।बाजपेई के मुताबिक, कंपनी की प्राथमिकता ग्राहकों के लिए भरोसेमंद और आधुनिक आवासीय परियोजनाएं विकसित करना है, जिसमें गुणवत्ता के साथ सुविधाओं और कनेक्टिविटी का भी ध्यान रखा जाए।

लखनऊ क्यों बना ईशा ग्रुप की पहली पसंद?

राजधानी लखनऊ पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट के लिहाज से तेजी से विकसित हुआ है। शहीद पथ, सुल्तानपुर रोड और एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार हुआ है।नई सड़क परियोजनाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और शहर के बाहरी हिस्सों में विकसित हो रहे नए कमर्शियल हब ने भी रियल एस्टेट कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।इसी बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए ईशा ग्रुप ने लखनऊ को उत्तर प्रदेश में अपने विस्तार की शुरुआत के लिए चुना है।

पांच साल में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य

कंपनी की योजना प्रस्तावित परियोजनाओं को अगले पांच वर्षों में पूरा कर ग्राहकों को सौंपने की है। इसके लिए प्रोजेक्ट की प्लानिंग से लेकर निर्माण और डिलीवरी तक की प्रक्रिया में गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।अगर कंपनी अपनी प्रस्तावित निवेश योजना को निर्धारित समय के अनुसार जमीन पर उतारने में सफल रहती है, तो इससे लखनऊ के रियल एस्टेट सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ-साथ निर्माण और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

लखनऊ से शुरू होकर देश तक पहुंचने की तैयारी

ईशा ग्रुप की रणनीति फिलहाल लखनऊ से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों और फिर देश के प्रमुख रियल एस्टेट बाजारों तक पहुंचने की है।करीब 5,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और 2,500 संभावित रोजगार अवसरों के साथ कंपनी ने लखनऊ में अपनी शुरुआत को बड़े विस्तार अभियान के पहले चरण के तौर पर पेश किया है।

अब नजर इस बात पर होगी कि कंपनी की प्रस्तावित टाउनशिप और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं जमीन पर कब आकार लेती हैं और लखनऊ के प्रतिस्पर्धी रियल एस्टेट बाजार में ईशा ग्रुप अपनी अलग पहचान किस तरह स्थापित करता है।