उत्तर प्रदेशलखनऊ

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: टिन्नू यादव और भतीजे मनीष की 7 दिन की रिमांड पर आज फैसला, पुलिस को बड़ी बरामदगी की उम्मीद

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर शुक्रवार को अदालत फैसला सुनाएगी। दोनों आरोपियों से जेल में प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत में रिमांड की मांग की है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि कस्टडी मिलने पर मामले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

क्यों मांगी गई है सात दिन की रिमांड?
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच को आगे बढ़ाने और चोरी से जुड़े अन्य सबूत जुटाने के लिए टिन्नू यादव और मनीष यादव से विस्तृत पूछताछ जरूरी है। इसी उद्देश्य से दोनों को सात दिन की पुलिस अभिरक्षा में देने का अनुरोध अदालत से किया गया है।

बताया गया है कि गुरुवार को मामले के विवेचक और पुलिस टीम ने जेल पहुंचकर दोनों आरोपियों से पूछताछ की थी। इसके बाद अदालत में कस्टडी रिमांड का आवेदन दाखिल किया गया।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले पुलिस चढ़ावा चोरी मामले में छह अन्य आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। वहीं, पूर्व बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्र को भी बुधवार को 14 घंटे की पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की गई थी। उनकी निशानदेही पर बरामद नकदी और अन्य सामान को पुलिस ने अदालत के समक्ष पेश किया है।

क्या हो सकती है अगली कार्रवाई?
सूत्रों के अनुसार यदि अदालत पुलिस को रिमांड देती है तो जांच टीम टिन्नू यादव और मनीष यादव को उन संभावित ठिकानों पर ले जा सकती है, जहां चोरी से जुड़ी नकदी, आभूषण या अन्य कीमती सामान छिपाए जाने की आशंका है। इसके अलावा मामले से जुड़ी कुछ अचल संपत्तियों की भी पहचान कराई जा सकती है।

महंगी जमीन भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान टिन्नू यादव के नाम सआदतगंज क्षेत्र में खरीदी गई एक महंगी जमीन भी पुलिस के संज्ञान में आई है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस संपत्ति की खरीद में कथित चोरी के धन का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। फिलहाल इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

आज अदालत के फैसले पर नजर
अब पूरे मामले में सबसे अहम नजर अदालत के उस फैसले पर है, जिसमें यह तय होगा कि पुलिस को टिन्नू यादव और मनीष यादव की सात दिन की कस्टडी रिमांड मिलती है या नहीं। यदि रिमांड मंजूर होती है, तो जांच में नए तथ्य सामने आने और आगे की कार्रवाई तेज होने की संभावना है।