बिहार

बिहार में जैविक खेती को मिलेगा बड़ा बूस्ट! बेतिया में लगेंगे 3 नए बायोगैस प्लांट, रोज तैयार होगी 160 टन खाद

बेतिया: पश्चिम चंपारण के किसानों के लिए अच्छी खबर है। जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर बायोगैस और जैविक खाद उत्पादन की तैयारी शुरू हो गई है। कुमारबाग स्थित वर्द्ध्न बायोगैस प्लांट में फिलहाल प्रतिदिन 30 टन जैविक खाद तैयार की जा रही है, जबकि आने वाले समय में तीन नए बायोगैस प्लांट शुरू होने के बाद जिले में रोजाना करीब 160 टन जैविक खाद का उत्पादन होने लगेगा। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद उपलब्ध होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

कुमारबाग प्लांट से शुरू हुई आपूर्ति की तैयारी
कुमारबाग स्थित वर्द्ध्न बायोगैस प्लांट में प्रतिदिन लगभग 30 टन जैविक खाद का उत्पादन किया जा रहा है। प्लांट प्रबंधन के अनुसार इस खाद को जल्द ही पैक्स के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें आसानी से निर्धारित दर पर जैविक खाद उपलब्ध हो सके।

प्लांट के निदेशक अनंत कुमार ने बताया कि जैविक खाद को 50 किलोग्राम की बोरियों में पैक किया जाएगा। इसे पैक्स को 150 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके बाद किसानों को इसका वितरण किया जाएगा।

मिट्टी की सेहत सुधारने में मिलेगी मदद
जिला कृषि परामर्शी डॉ. अजय शर्मा के अनुसार लगातार रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में जैविक खाद का उपयोग फसलों को आवश्यक पोषक तत्व देने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने बताया कि एक बार जैविक खाद का उपयोग करने पर इसका सकारात्मक प्रभाव मिट्टी पर लंबे समय तक बना रहता है। इससे फसल उत्पादन में सुधार होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

ठोस के साथ तरल जैविक खाद भी होगी उपलब्ध
बायोगैस प्लांट में ठोस जैविक खाद के अलावा तरल जैविक खाद का भी उत्पादन किया जा रहा है। इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाने की भी तैयारी की जा रही है।

तीन नए प्लांट से बढ़ेगा उत्पादन
जिले में कुमारबाग के अलावा तीन और बायोगैस प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है और संबंधित कंपनियां आगे की औपचारिकताएं पूरी कर रही हैं।

इन सभी संयंत्रों के शुरू होने के बाद प्रतिदिन लगभग 31 टन बायोगैस और करीब 160 टन जैविक खाद का उत्पादन होने का अनुमान है। इससे जिले में जैविक खाद की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर खाद मिल सकेगी।

सरकार का फोकस जैविक खेती पर
जिला उद्योग केंद्र, पश्चिम चंपारण के महाप्रबंधक रोहित राज के अनुसार नए बायोगैस प्लांट शुरू होने के बाद बायोगैस के साथ जैविक खाद का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा। निर्धारित मूल्य पर किसानों को इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे जिले में जैविक खेती को नई गति मिल सके।