Odisha Weather Update: अगले 48 घंटे ओडिशा पर भारी! मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 23 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में फिर बनेगा नया सिस्टम
भुवनेश्वर: ओडिशा में मानसून का असर अभी कम होने के कोई संकेत नहीं हैं। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 19 और 20 जुलाई को भी कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही 23 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना जताई गई है, जिससे पूर्वी और मध्य भारत में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ सकता है।
अगले 48 घंटे क्यों हैं सबसे अहम?
मौसम विभाग के अनुसार 18 जुलाई को उत्तर और पश्चिम ओडिशा के कई हिस्सों में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। वहीं 19 और 20 जुलाई को उत्तर ओडिशा के कुछ जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।
इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 206 मिमी वर्षा अनुगुल में रिकॉर्ड की गई, जबकि तालचेर में 195 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा हीराकुद, भवानीपटना और दारिंगबाड़ी में 100 मिमी, नयागढ़ में 110 मिमी, बरगढ़ और देवगढ़ में 97 मिमी, टिटिलागढ़ और कोरापुट में 95 मिमी, सोनपुर और पुरी में 90 मिमी तथा संबलपुर और भुवनेश्वर में 97 मिमी बारिश दर्ज की गई।
शुक्रवार को सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, सोनपुर, नुआपड़ा और बलांगीर जिलों में भी भारी से अति भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
23 जुलाई के बाद फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
आईएमडी के विस्तारित पूर्वानुमान के मुताबिक मौजूदा निम्न दबाव क्षेत्र अगले दो दिनों में कमजोर पड़ सकता है और इसके अधिक शक्तिशाली होने की संभावना नहीं है। हालांकि 23 से 29 जुलाई के बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत मिले हैं। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।
नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश का असर राज्य की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। जेनापुर में ब्राह्मणी नदी का जलस्तर बढ़कर 17.68 मीटर तक पहुंच गया है, हालांकि यह अभी चेतावनी स्तर से नीचे है। वहीं आखुआपड़ा में बैतरणी नदी का जलस्तर 16.62 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी स्तर 17.83 मीटर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और हालात पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
