पंजाब सरकार बहाल करेगी वीरता पदक भत्ता: हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद 2 महीने में लागू होगा आदेश
चंडीगढ़: वीरता पदक प्राप्त पुलिस अधिकारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद पंजाब सरकार ने अदालत में स्वीकार किया है कि संबंधित अधिकारी पदक भत्ते के पात्र हैं और रोका गया भत्ता दोबारा बहाल किया जाएगा।
दो माह में भत्ता बहाल करने का निर्देश
मामले की सुनवाई जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि वीरता पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के दावे को स्वीकार कर लिया गया है। इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया, लेकिन साथ ही सख्त निर्देश दिया कि आदेश की तिथि से दो महीने के भीतर पदक भत्ता दोबारा शुरू किया जाए।
1995 के राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक विजेता ने लगाई थी गुहार
यह याचिका पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर एवं वर्ष 1995 में राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित तलविंदर सिंह द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने 15 जून 2021 की उस अधिसूचना को चुनौती दी थी, जिसके तहत वीरता पदक प्राप्त अधिकारियों को दिया जा रहा विशेष भत्ता बंद कर दिया गया था।
याचिका में बताया गया कि उन्हें वर्ष 1995 से लगातार पदक भत्ता मिल रहा था और समय-समय पर इसमें संशोधन भी होता रहा। हालांकि 15 सितंबर 2021 की अधिसूचना के जरिए कई अन्य भत्तों के साथ उनका पदक भत्ता भी अचानक रोक दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
पुलिस विभाग की राय भी भत्ता जारी रखने के पक्ष में
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अमृतसर पुलिस आयुक्त को दिए गए आवेदन और 9 अगस्त 2023 को पुलिस महानिदेशक द्वारा गृह विभाग के प्रधान सचिव को भेजे गए पत्र का भी हवाला दिया। पत्र में स्पष्ट कहा गया था कि वीरता पुरस्कार प्राप्त कर्मचारियों को पदक भत्ता मिलना उनका अधिकार है और इसे बंद नहीं किया जाना चाहिए।
रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए हाई कोर्ट ने पहले ही टिप्पणी की थी कि स्वयं पुलिस विभाग की राय भत्ता जारी रखने के पक्ष में है। अदालत ने राज्य सरकार से यह भी पूछा था कि वर्ष 1995 से दिए जा रहे भत्ते को बंद करने का आधार क्या था और इस संबंध में शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
अब हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दो महीने के भीतर वीरता पदक भत्ता बहाल किए जाने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे संबंधित अधिकारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
