Monday, March 2, 2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड में स्वरोजगार को नई रफ्तार: दुकान अधिनियम में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी, युवाओं के लिए आसान होगा बिजनेस शुरू करना

देहरादून से आई बड़ी प्रशासनिक खबर के तहत प्रदेश सरकार ने युवाओं और बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। अब अपना व्यवसाय शुरू करने में नीतिगत जटिलताओं का सामना कम करना पड़ेगा। मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) अधिनियम, 2017 में संशोधन को स्वीकृति दे दी है।

सरकार का स्पष्ट उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना, दुकानों के संचालन समय को अधिक लचीला बनाना, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल करना और रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है। इसी क्रम में अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया गया है। इससे पहले वर्ष 2025 में इस संबंध में संशोधन अध्यादेश लागू किया गया था, जिसे अब विधेयक के रूप में लाकर स्थायी रूप देने की तैयारी है।

संशोधन विधेयक 2026 विधानसभा में होगा पेश

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से नई दुकानों की स्थापना आसान होगी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। खासतौर पर युवाओं और छोटे उद्यमियों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

चार विशेष शिक्षकों को एलटी में नियमित नियुक्ति

कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तदर्थ, संविदा और आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत चार विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (एलटी) विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों पर नियमित नियुक्ति देने को भी मंजूरी दी है। यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में गठित स्क्रीनिंग समिति की संस्तुति के आधार पर लिया गया है।

इस निर्णय से लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को स्थायित्व मिलेगा और विशेष शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।