Monday, March 2, 2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड में बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार और निर्यात से जोड़ने की योजना, कौशल विकास पर रहेगा फोकस

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में निर्यात बढ़ाने और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। अब सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि युवाओं को नवाचार और कौशल विकास से जोड़ा जाएगा ताकि वे सफल उद्यमी बन सकें और प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकें।

कौशल और प्रशिक्षण से मिलेगा फायदा

इस पहल के तहत राज्य निर्यात नीति के अंतर्गत युवाओं को आधुनिक तकनीक, उत्पाद विकास, गुणवत्ता सुधार और वैश्विक बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि कौशल और शोध आधारित प्रशिक्षण से युवाओं की उत्पादकता बढ़ेगी और वे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। इससे प्रदेश के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान मिलेगी। साथ ही, उत्पादों के बेहतर मूल्य मिलने से युवाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का एकीकरण

उद्योग विभाग ने बताया कि निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों प्रकार की सहायता योजनाओं को एकीकृत किया गया है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को उद्यमिता से जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित करना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

वित्तीय प्रोत्साहन और स्वरोजगार के अवसर

निर्यात नीति के तहत युवाओं को 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा भूमि और भूमि परिवर्तन लागत की प्रतिपूर्ति, कौशल विकास प्रशिक्षण और वैश्विक प्रमाणन के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे युवा स्थानीय उत्पादों को स्वरोजगार योजनाओं के तहत निर्यात से जोड़ सकेंगे और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर कीमत मिल सकेगी।