बिहार विधानसभा में पेश हुआ 87 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट, विकास योजनाओं को मिलेगी रफ्तार; जानें किस मद में कितना पैसा
पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 87,383.43 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया गया। उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन में अनुपूरक व्यय विवरण प्रस्तुत किया। सरकार का कहना है कि अतिरिक्त बजट से राज्य में चल रही विकास योजनाओं को गति मिलेगी और विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जरूरी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
संविधान के अनुच्छेद-205 के तहत लाया गया बजट
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि यह अनुपूरक बजट भारतीय संविधान के अनुच्छेद-205 के तहत अतिरिक्त व्यय की स्वीकृति के लिए विधानसभा में पेश किया गया है। अब इस बजट पर सदन में चर्चा होगी, जिसके बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वार्षिक योजनाओं के लिए सबसे बड़ा प्रावधान
प्रथम अनुपूरक बजट में सबसे अधिक राशि वार्षिक योजनाओं के लिए रखी गई है। इसके तहत कुल 57,077.96 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 32,707.24 करोड़ रुपये और राज्य योजनाओं के लिए 24,370.72 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
कर्मचारियों के वेतन-पेंशन समेत अन्य खर्चों के लिए भी राशि
सरकार ने स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के लिए 30,265.99 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के लिए 39.48 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इस राशि का इस्तेमाल कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य जरूरी खर्चों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन में किया जाएगा।
विकास योजनाओं को मिलेगी नई गति
सरकार के अनुसार अनुपूरक बजट के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान से बुनियादी ढांचे और अन्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता आसान होगा।
अनुपूरक बजट के प्रमुख प्रावधान
कुल प्रथम अनुपूरक बजट: 87,383.43 करोड़ रुपये
वार्षिक योजनाएं: 57,077.96 करोड़ रुपये
केंद्र प्रायोजित योजनाएं: 32,707.24 करोड़ रुपये
राज्य योजनाएं: 24,370.72 करोड़ रुपये
स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय: 30,265.99 करोड़ रुपये
केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएं: 39.48 करोड़ रुपये
