लाठीचार्ज पर भड़के अखिलेश यादव, डिंपल के नेतृत्व में जंतर-मंतर जा रहे सपा सांसद हिरासत में; सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली: जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने घटना के विरोध में सपा सांसदों को जंतर-मंतर भेजा। सोमवार को लोकसभा सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में सपा सांसदों का दल संसद से पैदल जंतर-मंतर के लिए रवाना हुआ, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से नाराज हुए अखिलेश
नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने सोमवार को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इसी दौरान उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई और कहा कि जिन छात्रों पर लाठी चली है, उनसे पार्टी के युवा साथी मिलेंगे और उन्हें संदेश देंगे कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है।
डिंपल यादव के नेतृत्व में सांसदों ने किया मार्च
अखिलेश यादव के निर्देश के बाद सपा सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में सांसदों का दल संसद से जंतर-मंतर की ओर रवाना हुआ। हाथों में तख्तियां लेकर सांसदों ने नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। हालांकि, जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
अखिलेश ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक की वजह से कई युवाओं को निराशा झेलनी पड़ी और कई परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन सरकार की ओर से उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी बात रखने के लिए सामने आते हैं तो उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर कार्रवाई की जाती है।
पेपर लीक मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और न्याय के मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
सपा ने हिरासत को बताया अलोकतांत्रिक
सपा ने डिंपल यादव समेत पार्टी सांसदों को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। पार्टी की ओर से कहा गया कि छात्रों की आवाज उठाने जा रहे सांसदों को रोकना और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
