चूरू में फर्जी वसीयत से जमीन हड़पने का सनसनीखेज खुलासा, मृत व्यक्ति को ‘जिंदा’ दिखाकर रची गई साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार
चूरू। राजस्थान के चूरू जिले में पैतृक जमीन हड़पने के लिए रची गई एक बड़ी साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक मृत व्यक्ति को दस्तावेजों में जिंदा दिखाकर उसके नाम से फर्जी वसीयत तैयार करवाई और उसी के आधार पर जमीन पर कब्जा जमा लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पूरी योजना बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी। उन्होंने न केवल फर्जी दस्तावेज तैयार किए, बल्कि अदालत में झूठे गवाह भी पेश किए, ताकि वसीयत को असली साबित किया जा सके। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मौत के महीनों बाद तैयार की गई फर्जी वसीयत
कोतवाली थाने के एएसआई राजू सिंह के अनुसार, झुंझुनूं जिले के महनसर निवासी विक्रम सिंह ने 11 अगस्त 2024 को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि परिवार की पैतृक कृषि भूमि का कभी विधिवत बंटवारा नहीं हुआ था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने साजिश रची।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि गिरधारी सिंह नामक व्यक्ति की मृत्यु 5 जुलाई 2006 को हो चुकी थी। इसके बावजूद करीब 11 महीने बाद उसके नाम से फर्जी वसीयत तैयार की गई और उसे असली बताकर अदालत में पेश किया गया।
झूठे गवाहों और दस्तावेजों के सहारे हासिल किया फैसला
आरोपियों ने अपने पक्ष को मजबूत बनाने के लिए अदालत में झूठे गवाह खड़े किए, जिन्होंने गलत बयान देकर फर्जी वसीयत को वैध साबित करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, फर्जी बंटवारा पत्र और अन्य दस्तावेज भी तैयार किए गए, जिनके आधार पर अदालत से अपने पक्ष में फैसला हासिल कर लिया गया।
राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कर कब्जा जमाया
साजिश का दायरा यहीं खत्म नहीं हुआ। आरोपियों ने बाद में राजस्व रिकॉर्ड में भी हेराफेरी कर जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली और उस पर कब्जा जमा लिया। पुलिस ने इस मामले में महनसर निवासी सुधीर कुमार (45) और गजेन्द्र सिंह (70) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।
