उत्तर प्रदेश

लाल गमछे ने रोक दी दौड़ती ट्रेन! 80 की रफ्तार से भाग रही इंटरसिटी के लगे इमरजेंसी ब्रेक, यात्रियों में मची अफरा-तफरी

इटावा: दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर मंगलवार सुबह एक लाल गमछे ने आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस को अचानक रोक दिया। करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन के चालक ने रेलवे ट्रैक के किनारे एक व्यक्ति को लाल (केसरिया) गमछा लहराते देखा तो उसे संभावित खतरे का संकेत मानते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12180 दिल्ली-आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस मंगलवार सुबह लगभग 8:26 बजे आगरा से इटावा की ओर जा रही थी। इसी दौरान इटावा-सरायभूपत रेलखंड पर कटेखेड़ा गांव के पास किलोमीटर संख्या 1163/32 के निकट चालक की नजर ट्रैक के उत्तरी किनारे खड़े एक व्यक्ति पर पड़ी, जो लाल गमछा लहरा रहा था।

खतरे का संकेत समझकर चालक ने दिखाई सतर्कता

रेलवे नियमों के तहत लाल कपड़ा या लाल झंडी खतरे का संकेत माना जाता है। ऐसे में चालक ने किसी संभावित दुर्घटना की आशंका को देखते हुए बिना देर किए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन के अचानक रुकते ही यात्रियों को जोरदार झटका लगा और कुछ समय के लिए दहशत जैसी स्थिति बन गई।

आरपीएफ ने व्यक्ति को हिरासत में लिया

घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ एस्कॉर्ट टीम मौके पर पहुंची और गमछा लहराने वाले व्यक्ति को हिरासत में लेकर आरपीएफ पोस्ट ले गई। पूछताछ में उसकी पहचान 52 वर्षीय शंभू सिंह के रूप में हुई, जो बढ़पुरा थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए।

मानसिक रूप से अस्वस्थ निकला व्यक्ति

मामले की सूचना परिजन को दी गई, जिसके बाद उनके पुत्र दीपक आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके पिता वर्ष 2020 से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहे हैं। परिवार के मुताबिक वह पहले भी कई बार घर से बिना बताए निकल चुके हैं और सोमवार दोपहर से लापता थे।

परिजनों का कहना है कि शंभू सिंह ने जानबूझकर ट्रेन रोकने की कोशिश नहीं की थी। भीषण गर्मी के कारण वह हाथ में मौजूद गमछा हिला रहे थे। इस संबंध में परिवार ने आरपीएफ को चिकित्सकीय दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

12 मिनट तक खड़ी रही इंटरसिटी एक्सप्रेस

आरपीएफ के कार्यवाहक थानाध्यक्ष एसआई हीराचंद्र मीना के अनुसार, चालक द्वारा केसरिया गमछे को खतरे का संकेत समझे जाने के बाद ट्रेन को रोका गया था। इस वजह से इंटरसिटी एक्सप्रेस लगभग 12 मिनट तक डाउन ट्रैक पर खड़ी रही और सुबह 8:38 बजे दोबारा अपने गंतव्य के लिए रवाना की गई।

उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे विशेषज्ञ जांच हेतु आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई रेफर कर दिया गया। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।