उत्तर प्रदेशलखनऊ

कांवड़ यात्रा 2026: यात्रा मार्गों की होगी लाइव निगरानी, प्लास्टिक कैरी बैग पर चलेगा सख्त अभियान

लखनऊ: सावन माह की शुरुआत से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई की लाइव मॉनिटरिंग से लेकर प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के खिलाफ विशेष अभियान चलाने तक कई अहम निर्देश जारी किए गए हैं। नगर विकास विभाग ने सभी निकायों को यात्रा के दौरान स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग पी. गुरुप्रसाद ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि नगर निकायों द्वारा यात्रा मार्गों की साफ-सफाई की निगरानी जिला नियंत्रण कक्ष और कमांड सेंटर (डीसीसीसी) के माध्यम से लाइव की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

सफाई, पेयजल और शौचालय व्यवस्था पर विशेष जोर

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

साथ ही यात्रा मार्गों और शिविर स्थलों पर पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग अस्थायी शौचालय स्थापित किए जाएं। सभी शौचालयों की दिन में कम से कम दो बार सफाई और सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसके अलावा नगर निकायों को शिवालयों और कांवड़ यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों की तैनाती कर नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान

सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिविरों में प्लास्टिक सामग्री का उपयोग न होने दिया जाए।

प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के साथ-साथ प्लास्टिक और थर्मोकोल से बने एकल उपयोग वाले कप, गिलास, प्लेट और अन्य सामग्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का लक्ष्य आगामी धार्मिक आयोजनों को ‘जीरो प्लास्टिक इवेंट’ और ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ के रूप में आयोजित करना है। इसके लिए नागरिकों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।

झाड़ियों की सफाई और बेसहारा पशुओं पर भी रहेगा फोकस

नगर विकास विभाग ने यात्रा मार्गों पर झाड़ियों की कटाई-छंटाई, नाले-नालियों की सफाई और बेसहारा पशुओं को हटाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर ब्लीचिंग पाउडर, मैलाथियान डस्ट और चूने का नियमित छिड़काव कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

बिजली आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर भी जारी हुए निर्देश

ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने कांवड़ यात्रा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति और विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर आवश्यक मरम्मत कार्य पहले ही पूरे कर लिए जाएं तथा मंदिर प्रबंधन और आयोजन समितियों को भी सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए।

साथ ही बारिश के मौसम में बिजली फॉल्ट होने पर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने, मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग करने और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।