मध्य प्रदेश

दतिया विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा, दिल्ली कोर्ट के फैसले से सदस्यता पर मंडराया संकट

भोपाल: मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बैंक से धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर से जुड़े पुराने मामले में अदालत ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर संकट गहरा गया है।

दो साल से अधिक सजा पर सदस्यता खत्म होने का प्रावधान

सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस मामले में दिए गए फैसले के अनुसार, किसी भी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो सकती है। ऐसे कई मामलों में पहले भी विधायकों की सदस्यता रद्द की जा चुकी है।

60 दिन की राहत, लेकिन जरूरी है सजा पर रोक

अदालत ने राजेंद्र भारती को फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 60 दिन का समय दिया है, लेकिन केवल अपील दाखिल करना उनकी सदस्यता को बचाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक उन्हें उच्च न्यायालय से अपनी सजा पर स्थगन (स्टे) लेना होगा। यदि हाई कोर्ट उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा देता है, तभी उनकी सदस्यता बरकरार रह सकती है।

अयोग्यता का भी खतरा, चुनाव लड़ने पर लग सकता है प्रतिबंध

कानूनी प्रावधानों के तहत यदि सजा पर रोक नहीं मिलती है, तो राजेंद्र भारती न सिर्फ अपनी सदस्यता खो सकते हैं, बल्कि सजा पूरी होने के बाद अगले छह वर्षों तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य भी हो सकते हैं। अदालत के फैसले की प्रति मिलने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय उनकी सदस्यता समाप्त करने की अधिसूचना जारी कर सकता है। इसके बाद संबंधित सीट पर छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जा सकता है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

मध्य प्रदेश में इससे पहले भी विधायकों की सदस्यता रद्द होने के मामले सामने आ चुके हैं। पन्ना जिले की पवई सीट से विधायक रहे प्रहलाद लोधी को 2019 में दो साल की सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। हालांकि बाद में हाई कोर्ट से दोषसिद्धि पर स्थगन मिलने के बाद उनकी सदस्यता बहाल हो गई थी।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों के आधार पर यह माना जा सकता है कि कानूनी रूप से राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब केवल औपचारिक अधिसूचना जारी होना बाकी है।