दिल्ली

संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन! 6 एफआईआर दर्ज, अभिजीत दीपके समेत कई नेताओं पर केस

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आयोजित संसद मार्च के दौरान हुए उपद्रव के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में कुल छह एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें एक मुख्य एफआईआर में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके सहित कई नेताओं को नामजद किया गया है।

मुख्य एफआईआर में कई नेताओं के नाम शामिल

दिल्ली पुलिस के अनुसार एक एफआईआर कनॉट प्लेस थाने में और पांच एफआईआर संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई हैं। मुख्य एफआईआर में अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रंका, विजय दहिया और अमित बालियान समेत अन्य को नामजद किया गया है। वहीं, बाकी पांच एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई हैं। सभी मामलों में आपराधिक साजिश की धारा भी शामिल की गई है।

आठ घंटे तक प्रभावित रहा नई दिल्ली का संवेदनशील इलाका

पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर, जनपथ, टालस्टॉय मार्ग, अशोक रोड, संसद मार्ग और रायसीना मार्ग सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में करीब आठ घंटे तक यातायात और सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पेपर स्प्रे का भी इस्तेमाल किया।

दंगा, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की धाराएं

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक अलग एफआईआर संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति नई दिल्ली क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने के मामले में दर्ज की गई है। सभी मामलों में दंगा, गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की हो रही जांच

मामले की जांच के लिए संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थाना पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है। जंतर-मंतर, जनपथ, टालस्टॉय मार्ग, अशोक रोड, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो और तस्वीरों की भी जांच की जा रही है। इंटरनेट मीडिया पर उपलब्ध सामग्री का भी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि उपद्रव और पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।

एसआईटी या क्राइम ब्रांच को मिल सकती है जांच

पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जा सकता है। मुख्य एफआईआर की जांच स्पेशल सेल या क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने पर भी विचार किया जा रहा है।

गौरतलब है कि संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में दोनों पक्षों के 200 से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी।