Friday, April 17, 2026
छत्तीसगढ़

रायपुर के सरकारी अस्पताल में मतांतरण के आरोप पर हंगामा, बजरंग दल का विरोध

रायपुर से एक विवादित मामला सामने आया है, जहां सरकारी आंबेडकर अस्पताल में कथित मतांतरण गतिविधियों को लेकर शनिवार को हंगामा खड़ा हो गया। आरोप है कि ईसाई मिशनरी से जुड़ी तीन महिलाएं अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों के बीच पहुंचीं और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लालच देकर मतांतरण के लिए प्रेरित कर रही थीं।

बताया जा रहा है कि अस्पताल में मौजूद एक मरीज ने इन गतिविधियों का वीडियो बना लिया और उसे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया। वीडियो सामने आने के बाद संगठन के कार्यकर्ता तुरंत अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक संबंधित महिलाएं मौके से जा चुकी थीं।

अस्पताल परिसर में तलाश, नहीं मिलीं महिलाएं

मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने करीब आधे घंटे तक अस्पताल परिसर में महिलाओं की तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी।

अस्पताल प्रबंधन से की शिकायत

कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रबंधन को भी पूरे मामले की जानकारी दी और कहा कि परिसर में इस तरह की गतिविधियों की जिम्मेदारी प्रबंधन की है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त और ठोस कदम उठाए जाएं।

हनुमान चालीसा का पाठ कर जताया विरोध

घटना के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके साथ ही संगठन ने संबंधित महिलाओं का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लोगों से अपील की है कि यदि ये महिलाएं कहीं दिखाई दें तो तुरंत सूचना दें, ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

मतांतरण विरोधी कानून का हवाला

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में मतांतरण पर रोक लगाने के लिए धर्म स्वतंत्रता विधेयक लागू किया है। इस कानून के तहत किसी भी प्रकार के लालच या दबाव के जरिए मतांतरण कराने पर सजा का प्रावधान है।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।