Saturday, May 9, 2026
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उत्तर प्रदेश

यूपी पंचायत चुनाव में देरी के बीच बढ़ी हलचल: कार्यकाल बढ़ाने की उठी मांग, मंत्री राजभर बोले—अंतिम फैसला CM योगी करेंगे

लखनऊ में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न होने के संकेत मिलते ही पंचायत प्रतिनिधियों की बेचैनी खुलकर सामने आने लगी है। इसी बीच आयोजित एक कार्यशाला में कार्यकाल बढ़ाने की मांग प्रमुख मुद्दा बनकर उभरी, जहां प्रतिनिधियों ने इसे जोरदार तरीके से उठाया।

कार्यशाला बनी मांगों का मंच

क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के लिए आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में योजनाओं की जानकारी देने के बजाय कार्यकाल बढ़ाने को लेकर बहस छिड़ गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने मंच से ही अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा और सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील की।

राजभर ने दिया आश्वासन, CM के सामने रखेंगे प्रस्ताव

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी भावनाओं को समझा जा रहा है और कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पूरी कोशिश करेगी कि इस मांग पर सकारात्मक निर्णय हो, लेकिन अंतिम फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही करेंगे।

दूसरे राज्यों का हवाला, प्रस्ताव तैयार करने को कहा

मंत्री ने ब्लॉक प्रमुख संघ से राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में प्रशासक समिति के जरिए कार्यकाल बढ़ाने के उदाहरणों के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही ब्लॉक प्रमुखों को 10 लाख की बजाय 15 लाख रुपये तक की योजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार दिया जा सकता है।

हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार

मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है और सरकार उसके फैसले का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन न्यायालय के निर्देशों के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी।

मंच पर दिखा दबाव और हंगामा

कार्यक्रम में मंत्री के पहुंचने से पहले ही ब्लॉक प्रमुख संघ के पदाधिकारियों ने प्रमुख सचिव के सामने मांग रखी कि कार्यकाल समाप्त होने की स्थिति में मौजूदा पंचायतों को ही प्रशासक नियुक्त किया जाए। इस दौरान प्रतिनिधियों ने जोरदार शोर-शराबा किया और कार्यकाल बढ़ाने के मुद्दे पर ही चर्चा केंद्रित रखने का दबाव बनाया।

स्थिति इतनी तीखी हो गई कि संबोधन के दौरान बार-बार टोका-टोकी होने पर संघ के अध्यक्ष को कहना पड़ा कि जो खुद को अधिक सक्षम समझता है, वह मंच पर आकर अपनी बात रखे।

अधिकारियों ने भी रखे अपने विचार

कार्यशाला में पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा की। हालांकि पूरे कार्यक्रम में कार्यकाल बढ़ाने की मांग ही केंद्र में रही, जिसने पंचायत राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है।