‘यूपी उपचुनाव की तस्वीर दिखाई’, कोलकाता में अखिलेश यादव का बड़ा बयान, भाजपा पर लोकतंत्र खत्म करने का आरोप
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं और अलग-अलग राज्यों में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के उपचुनावों के दौरान फोर्स का इस्तेमाल कर लोगों को मतदान से रोका गया था। उन्होंने कहा कि वहीं पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की गई।
अखिलेश ने मीडिया को दिखाई तस्वीर
कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने एक तस्वीर भी दिखाई और कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी उपचुनाव में प्रशासनिक दबाव का इस्तेमाल कर मतदाताओं को प्रभावित किया गया।
अखिलेश ने कहा, “जब उत्तर प्रदेश में बाय इलेक्शन हुआ था तो फोर्स लगाकर लोगों का वोट रोका गया था।” उन्होंने आगे कहा कि बंगाल में लोकतंत्र को कमजोर करने का रास्ता अपनाया गया है।
भाजपा पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप
सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अलग-अलग राज्यों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
अखिलेश यादव के अनुसार, चुनाव के दौरान जनता के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है और यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
बंगाल चुनाव परिणामों पर बढ़ी सियासी हलचल
गौरतलब है कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा ने 207 सीटों के साथ भारी बहुमत हासिल किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 80 सीटों पर सिमट गई है। यह राज्य में राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इस नतीजे के बाद जहां भाजपा अपनी जीत को ऐतिहासिक बता रही है, वहीं विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कई नेताओं ने वोटों की गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग और पूरी पारदर्शिता की मांग की है।
ममता बनर्जी सत्ता से बाहर, विपक्ष ने उठाए सवाल
चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सत्ता से बाहर हो गई है। इस राजनीतिक बदलाव के बाद राज्य में चुनावी प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है और विपक्ष लगातार चुनाव आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।
