अंधविश्वास ने ले ली महिला की जान! सांप के डसने के बाद अस्पताल की बजाय तांत्रिक के पास ले गए परिजन, इलाज में देरी बनी मौत की वजह
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले में अंधविश्वास के कारण एक महिला की सर्पदंश से मौत हो गई। जलालगढ़ थाना क्षेत्र के मिश्रीनगर गांव में मंगलवार सुबह जहरीले सांप के काटने के बाद परिजन महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय तांत्रिक के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए। इलाज में हुई देरी के बाद जब महिला की हालत गंभीर हो गई तो उसे जीएमसीएच पूर्णिया पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कमरे में उतरते समय सांप ने डसा
मृतका की पहचान जलालगढ़ थाना क्षेत्र के मिश्रीनगर गांव निवासी बिनोद मरांडी की पत्नी बहा मुर्मू के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार तड़के वह कमरे में बिस्तर से नीचे उतर रही थीं। इसी दौरान फर्श पर छिपे एक जहरीले सांप ने उनके पैर में डस लिया। महिला के शोर मचाने पर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और घर में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल की बजाय तांत्रिक के पास ले गए
घटना के बाद परिजन महिला को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय गांव के एक तांत्रिक के पास ले गए। वहां काफी देर तक झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र किया जाता रहा। इस दौरान महिला के शरीर में सांप का जहर फैलता गया और उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही।
हालत बिगड़ने पर जीएमसीएच पहुंचे
जब महिला पूरी तरह अचेत हो गई, तब परिजन उसे आनन-फानन में जीएमसीएच पूर्णिया लेकर पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
डॉक्टरों ने समय पर इलाज की बताई अहमियत
डॉक्टरों के अनुसार महिला को अस्पताल लाने में काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों का कहना है कि यदि सर्पदंश के तुरंत बाद उसे अस्पताल लाकर एंटी-वेनम उपचार शुरू कराया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। इलाज में हुई देरी जानलेवा साबित हुई।
