यूपी में इमरजेंसी सेवाओं को रफ्तार, लखनऊ मंडल में 90 हेलीपैड बनाने की तैयारी तेज
लखनऊ से बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने लखनऊ मंडल में आपातकालीन और प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंडल के सभी तहसील और विकास खंड मुख्यालयों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के उद्देश्य से 90 हेलीपैड बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। अहम बात यह है कि इनमें से 80 स्थानों के लिए जमीन का चयन भी किया जा चुका है।
सिर्फ वीआईपी नहीं, आम जनता को मिलेगा सीधा लाभ
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने इस परियोजना की समीक्षा करते हुए साफ किया कि यह पहल केवल वीआईपी मूवमेंट तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों तक आपातकालीन सेवाओं को तेजी से पहुंचाना है, जिससे संकट के समय राहत कार्यों में देरी न हो।
मेडिकल और राहत कार्यों में आएगी तेजी
इस परियोजना के लागू होने के बाद गंभीर मरीजों को कम समय में बड़े अस्पतालों तक एयरलिफ्ट करना संभव हो सकेगा। इसके अलावा बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान दुर्गम इलाकों तक राहत सामग्री और बचाव दल को तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।
प्रशासनिक निगरानी और कानून-व्यवस्था होगी मजबूत
हेलीपैड नेटवर्क बनने से अधिकारी दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण आसानी से कर सकेंगे। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने में भी यह योजना कारगर साबित होगी।
10 स्थानों पर जमीन चयन की प्रक्रिया जारी
बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन 10 स्थानों पर अभी जमीन तय नहीं हो पाई है, वहां जल्द से जल्द उपयुक्त स्थल चिन्हित किए जाएं। सभी जिलाधिकारियों से इस परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है, ताकि निर्माण कार्य को तय समयसीमा में पूरा किया जा सके।
राज्यव्यापी हेलीपैड नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम
लखनऊ मंडल की यह योजना प्रदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे उत्तर प्रदेश में हेलीपैड का मजबूत नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसके लागू होने से प्रशासन की प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
