कानपुर में ‘मिनी जामताड़ा’ का भंडाफोड़, ड्रोन से घेराबंदी कर पुलिस ने 19 साइबर ठग दबोचे
कानपुर में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने हाईटेक और फिल्मी अंदाज में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पूरे गांव में चल रहे ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। रेउना इलाके के इस गांव को ‘मिनी जामताड़ा’ बनाकर साइबर ठगी का धंधा चलाया जा रहा था, जिसे पुलिस ने ड्रोन निगरानी और चारों तरफ से घेराबंदी कर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी का जाल
जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर फोन करता था। आरोपी खुद को अधिकारी बताकर लोगों से उनके बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी हासिल करते थे और फिर खातों से पैसे निकाल लेते थे। इस नेटवर्क ने कानपुर समेत कई जिलों और अन्य राज्यों के सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया।
ड्रोन से रेकी, फिर पूरे गांव की घेराबंदी
पुलिस को जैसे ही इस गिरोह की सूचना मिली, एक विशेष रणनीति तैयार की गई। सबसे पहले ड्रोन कैमरों से पूरे गांव की निगरानी की गई। हर गली और हर घर पर नजर रखी गई। इसके बाद भारी पुलिस बल के साथ गांव को चारों तरफ से घेर लिया गया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कार्रवाई के दौरान 19 साइबर ठगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
मोबाइल, सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सबूत बरामद हुए हैं। इनमें दर्जनों मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी बैंक खातों की डिटेल, नकली पहचान पत्र, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और इसके तार अन्य बड़े साइबर नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं।
सैकड़ों शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
एडीसीपी क्राइम सुमित रामटेके के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ सैकड़ों शिकायतें सामने आई थीं। शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी पीएम किसान, आयुष्मान भारत और उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को झांसा देते थे।
हाईटेक ऑपरेशन से नहीं बच सके आरोपी
पुलिस की इस कार्रवाई में आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया गया। ड्रोन निगरानी की वजह से आरोपियों की हर गतिविधि पर नजर रखी गई, जिससे कोई भी फरार नहीं हो सका। यह ऑपरेशन इस बात का संकेत है कि अब साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिस भी तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है।
प्रदेशभर में चर्चा में ‘ऑपरेशन जामताड़ा’
कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। ‘ऑपरेशन जामताड़ा’ के जरिए न केवल एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क को खत्म किया गया, बल्कि अपराधियों को कड़ा संदेश भी दिया गया है कि तकनीक का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
