झारखंड

Jharkhand Tourism: ‘मिनी लंदन’ की बदलेगी तस्वीर! मैक्लुस्कीगंज में बनेंगे 50 विक्टोरियन होमस्टे, सरकार देगी ₹4 लाख तक ब्याजमुक्त लोन

रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मैक्लुस्कीगंज को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ‘मिनी लंदन’ और ‘गोरों का गांव’ के नाम से मशहूर इस कस्बे में पहले चरण में 50 आधुनिक होमस्टे विकसित किए जाएंगे। खास बात यह है कि इच्छुक परिवारों को प्रत्येक कमरे के लिए 4 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त बैंक ऋण मिलेगा, जबकि ऋण का पूरा ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी।

क्या है सरकार की नई होमस्टे योजना?
नगर विकास, आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मैक्लुस्कीगंज दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और एंग्लो-इंडियन समुदाय के साथ बैठक में इस योजना की जानकारी दी। योजना के तहत स्थानीय परिवार अपने घरों के खाली कमरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस होमस्टे में बदल सकेंगे।

लाभार्थियों को केवल ऋण की मूल राशि आसान किस्तों में चुकानी होगी। समय पर भुगतान करने वालों को सब्सिडी का लाभ भी दिया जाएगा।

विक्टोरियन शैली में तैयार होंगे होमस्टे
सरकार का लक्ष्य मैक्लुस्कीगंज की ऐतिहासिक और एंग्लो-इंडियन विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसी वजह से सभी होमस्टे विक्टोरियन शैली और स्थानीय स्थापत्य कला को ध्यान में रखकर विकसित किए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को इस ऐतिहासिक कस्बे का वास्तविक अनुभव मिल सके।

गोल्ड और डायमंड कैटेगरी में होंगे होमस्टे
योजना के तहत गोल्ड श्रेणी में अधिकतम चार कमरों और डायमंड श्रेणी में छह कमरों तक के होमस्टे विकसित किए जा सकेंगे। सभी चयनित होमस्टे को झारखंड पर्यटन के आधिकारिक पोर्टल पर सूचीबद्ध किया जाएगा, जिससे देश और विदेश के पर्यटक सीधे इनकी बुकिंग कर सकें।

महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने इस योजना में महिलाओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। चयनित लाभार्थियों को पर्यटन और हॉस्पिटेलिटी प्रबंधन का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा सफल होमस्टे संचालन की जानकारी देने के लिए मेघालय का अध्ययन भ्रमण भी कराया जाएगा।

पर्यटन सुविधाओं का भी होगा विस्तार
मैक्लुस्कीगंज में केवल होमस्टे ही नहीं, बल्कि पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण, पाथवे के उन्नयन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही नकटा पहाड़ पर ग्लास ब्रिज बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई गई है। स्थानीय लोगों की सहमति मिलने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

क्यों खास है मैक्लुस्कीगंज?
रांची से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित मैक्लुस्कीगंज अपनी विक्टोरियन शैली की इमारतों, शांत प्राकृतिक वातावरण और एंग्लो-इंडियन विरासत के लिए प्रसिद्ध है। इसे लंबे समय से ‘मिनी लंदन’ और ‘गोरों का गांव’ कहा जाता है। सरकार का उद्देश्य इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन और रोजगार केंद्र के रूप में विकसित करना है।