Friday, April 17, 2026
झारखंड

रांची में स्कूल परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश, शिक्षा व्यवस्था सुधार पर प्रशासन सख्त

रांची। विद्यालयों की भूमि और भवनों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया है कि अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर पर्याप्त पुलिस बल की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाहरणालय सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल परिसरों को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता में शामिल है और इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की जाए।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर जोर

बैठक में राज्य स्तर से प्राप्त जिले की रैंकिंग की समीक्षा करते हुए शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने साफ किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।

शिक्षक उपस्थिति अनिवार्य, नहीं तो वेतन रुकेगा

समीक्षा में सामने आया कि केवल 76 प्रतिशत शिक्षक ही ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी शिक्षक प्रतिदिन अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज करें, अन्यथा वेतन जारी नहीं किया जाएगा। बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई करने को कहा गया है।

छात्र उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश

छात्रों की उपस्थिति को लेकर भी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। केवल 54 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज हो रही है। इसे गंभीर मानते हुए सभी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अनुपालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन स्थगित किया जाएगा।

आधार पंजीकरण और नामांकन पर फोकस

सभी छात्रों का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जन्म प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता को देखते हुए प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया है। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने और आधारभूत संरचना की कमी का आकलन कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि डीएमएफटी फंड से आवश्यक कार्य कराए जा सकें।

प्राथमिक शिक्षा और नवाचार पर जोर

प्राथमिक विद्यालयों में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। इसके साथ ही जिला इनोवेशन चैलेंज के लिए विद्यालयों को तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मिड-डे मील व्यवस्था पर निगरानी

विद्यालयों में गैस की कमी न हो, इसके लिए जिला शिक्षा अधीक्षक को जिला आपूर्ति पदाधिकारी के साथ समन्वय कर नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही गैस उठाव और एजेंसी रिपोर्ट का मिलान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता और रैंकिंग सुधारने के लिए आवश्यक है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।