गंगा एक्सप्रेसवे से बदलेगा सफर का गणित: ट्रेन से भी तेज होगा सफर, प्रयागराज से मेरठ अब महज 6 घंटे में संभव
उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही लंबी दूरी के सफर का पूरा समीकरण बदलता नजर आ रहा है। खासतौर पर प्रयागराज से मेरठ के बीच यात्रा करने वालों के लिए यह एक्सप्रेसवे बड़ी राहत लेकर आया है। अब तक जहां इस रूट पर ट्रेन या निजी साधन ही विकल्प थे, वहीं एक्सप्रेसवे के जरिए सफर का समय घंटों कम होने का दावा किया जा रहा है।
ट्रेन से लंबा सफर, एक्सप्रेसवे से समय में बड़ी कटौती
फिलहाल उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की कोई सीधी बस सेवा प्रयागराज से मेरठ के बीच उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों के पास ट्रेन या निजी वाहन ही विकल्प होते हैं। प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन से चलने वाली नौचंदी एक्सप्रेस करीब 653 किलोमीटर की दूरी तय कर अगले दिन सुबह मेरठ पहुंचती है। यह यात्रा लगभग 14 घंटे में पूरी होती है।
वहीं सूबेदारगंज से चलने वाली संगम एक्सप्रेस फतेहपुर, कानपुर, इटावा, टुंडला, हाथरस, बुलंदशहर और हापुड़ होते हुए करीब 637 किलोमीटर का सफर तय करती है। इस ट्रेन से भी मेरठ पहुंचने में लगभग साढ़े आठ घंटे का समय लगता है।
इसके मुकाबले गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए निजी वाहन से यही दूरी महज 6 घंटे में तय होने का दावा किया जा रहा है। यानी नौचंदी एक्सप्रेस के मुकाबले करीब 8 घंटे और संगम एक्सप्रेस के मुकाबले लगभग ढाई घंटे की बचत संभव है।
अब कानपुर रूट की बाध्यता खत्म, सीधा और तेज रास्ता
अब तक प्रयागराज से मेरठ जाने के लिए यात्रियों को कानपुर के रास्ते होकर लंबा सफर तय करना पड़ता था। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 594 किलोमीटर रह जाएगी और यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी। प्रयागराज के सोरांव क्षेत्र के जूड़ापुर दांदू गांव के पास एक्सप्रेसवे का प्रमुख टोल प्लाजा भी बनाया गया है, जिससे आवागमन और आसान होगा।
प्रतापगढ़ से मेरठ: दूरी 143 किमी कम, समय आधा
गंगा एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा असर प्रतापगढ़ से मेरठ के सफर पर भी देखने को मिलेगा। अभी तक इस रूट पर न तो कोई सीधी ट्रेन है और न ही बस सेवा उपलब्ध है। यात्रियों को निजी साधनों पर ही निर्भर रहना पड़ता है, जिसमें 11 से 12 घंटे का समय लग जाता है।
मौजूदा समय में प्रतापगढ़ से मेरठ की दूरी लगभग 738 किलोमीटर है, जो एक्सप्रेसवे के जरिए घटकर करीब 595 किलोमीटर रह जाएगी। यानी 143 किलोमीटर की कमी के साथ यह सफर अब लगभग 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
व्यापार और आवागमन को मिलेगा बड़ा फायदा
यात्रा समय में इस बड़ी कमी का सीधा फायदा व्यापारियों और नियमित यात्रियों को मिलेगा। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह एक्सप्रेसवे राहत लेकर आएगा, जिनका कामकाज के सिलसिले में मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में लगातार आना-जाना रहता है। तेज, सुगम और कम समय वाला यह मार्ग क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा।
