Friday, May 8, 2026
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उत्तर प्रदेश

यूपी में किसानों के लिए बड़ी राहत: 4 मई को सभी जिलों में लगेंगे विशेष कैंप, 122.28 करोड़ रुपये सीधे खातों में होंगे ट्रांसफर

उत्तर प्रदेश में किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 4 मई को पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाते हुए सभी जिलों में कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां खरीफ 2025 और रबी 2025-26 की फसल क्षतिपूर्ति की शेष राशि किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस दिन कुल 122.28 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों को वितरित की जाएगी।

क्षतिपूर्ति राशि का पूरा हिसाब-किताब

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खरीफ 2025 के तहत कुल 730.04 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई थी, जिसमें से 624.88 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। अब शेष 105.16 करोड़ रुपये की राशि 4 मई को किसानों को दी जाएगी। वहीं रबी 2025-26 सीजन की बची हुई 17.11 करोड़ रुपये की राशि भी इसी दिन जारी की जाएगी। इस तरह दोनों सीजन को मिलाकर कुल 122.28 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे जाएंगे।

बीमा योजनाओं का व्यापक दायरा

प्रदेश में फसल सुरक्षा को लेकर सरकार की योजनाएं लंबे समय से लागू हैं। सभी जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित है, जबकि चयनित 60 जिलों में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना भी लागू की गई है। इन योजनाओं का क्रियान्वयन बीमा कंपनियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जा सके।

ग्राम स्तर तक पहुंची योजना

यह पूरी व्यवस्था ग्राम पंचायत स्तर तक लागू है, जिससे अधिकतम किसानों को लाभ मिल सके। खरीफ सीजन में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन और तिल जैसी फसलें कवर की गई हैं। वहीं रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू जैसी प्रमुख फसलें शामिल हैं।

किसानों के लिए सस्ती प्रीमियम दरें

योजना के तहत किसानों पर प्रीमियम का बोझ कम रखा गया है। खरीफ फसलों के लिए बीमित राशि का 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और नकदी फसलों के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम निर्धारित किया गया है। बाकी प्रीमियम का भार केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाती हैं, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिलती है।

1 मई से शुरू होगा अलग विशेष अभियान

इसके साथ ही सरकार 1 मई से 15 मई तक एक और बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत प्रदेश के गोआश्रय स्थलों का सघन निरीक्षण किया जाएगा। निराश्रित गोवंश के लिए चारे और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान तैनात नोडल अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक रहेगी और सभी स्तरों पर अधिकारी मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।