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यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला! आउटसोर्स सेवा निगम को मिलेगा ₹20 करोड़ का ब्याजमुक्त कर्ज, 5 साल तक नहीं चुकानी होगी राशि

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स सेवा निगम को वित्तीय मजबूती देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम को 20 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस राशि का उपयोग निगम के संचालन, प्रशासनिक ढांचे और सेवा व्यवस्था को मजबूत बनाने में किया जाएगा।

कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी

कैबिनेट के फैसले के अनुसार निगम को मिलने वाला 20 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उसके शुरुआती संचालन को सुचारु बनाने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आउटसोर्सिंग सेवाओं को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कंपनी अधिनियम-2013 के तहत एक गैर-लाभकारी पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में किया गया है। इसका उद्देश्य लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं का बेहतर, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि निगम अभी शुरुआती चरण में कार्य कर रहा है। ऐसे में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, आउटसोर्सिंग एजेंसियों से लिए जाने वाले सेंटेज चार्ज सहित अन्य व्यवस्थाओं को विकसित करने और कार्य संचालन को प्रभावी ढंग से शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता आवश्यक थी।

5 वर्षों तक नहीं करना होगा ऋण का भुगतान

सरकार के अनुसार प्रारंभिक वर्षों में निगम अपनी आय से ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं होगा। इसी को देखते हुए पहले पांच वर्षों तक निगम पर ऋण अदायगी की कोई जिम्मेदारी नहीं रहेगी।

इसके बाद 10 साल में लौटाई जाएगी राशि

कैबिनेट के निर्णय के मुताबिक पांच वर्ष पूरे होने के बाद निगम अपनी आय से प्रतिवर्ष 2 करोड़ रुपये की दर से अगले 10 वर्षों में 20 करोड़ रुपये के इस ब्याजमुक्त ऋण का भुगतान करेगा।