मध्य प्रदेश

PM की अपील का असर? MP के 29 टोल प्लाजा पर निजी वाहनों की आवाजाही 6.7% घटी, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

भोपाल: मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर निजी वाहनों की आवाजाही में कमी दर्ज की गई है। 13 जिलों के 29 टोल प्लाजा के आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि प्रधानमंत्री की यात्रा कम करने की अपील के बाद निजी वाहनों की आवाजाही करीब 6.7 फीसदी घट गई। हालांकि, इस बदलाव के पीछे केवल प्रधानमंत्री की अपील को कारण मानने के बजाय मौसम, छुट्टियों और स्थानीय परिस्थितियों जैसे अन्य कारकों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

10 दिनों में 74 हजार से ज्यादा कार-जीप कम हुईं

अध्ययन के तहत 13 जिलों के 29 टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों के आंकड़ों की तुलना की गई। अपील से पहले 1 से 10 मई के बीच इन टोल प्लाजा से 11 लाख 14 हजार 715 कार और जीप गुजरी थीं। वहीं 11 से 20 मई के बीच यह संख्या 74,629 घटकर 10 लाख 40 हजार 86 रह गई। इस तरह महज 10 दिनों में निजी वाहनों की आवाजाही में 6.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

आंकड़ों से हाईवे पर निजी वाहनों की आवाजाही में कमी का संकेत मिलता है। हालांकि, यातायात के तौर-तरीकों में बदलाव के पीछे दूसरे व्यवहारिक और स्थानीय कारण भी हो सकते हैं।

सागर के किशनपुरा टोल पर बढ़ गई वाहनों की संख्या

29 टोल प्लाजा में सागर का किशनपुरा टोल ऐसा रहा, जहां वाहनों की संख्या घटने के बजाय बढ़ी। यहां 1 से 10 मई के बीच 13,384 वाहन गुजरे थे। 11 से 20 मई के बीच यह संख्या 436 बढ़कर 13,820 हो गई। यानी यहां निजी वाहनों की आवाजाही में 3.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अध्ययन में रायसेन और जबलपुर के चार-चार, हरदा और सिवनी के तीन-तीन, सागर, गुना, सीहोर, राजगढ़, छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर के दो-दो तथा विदिशा, बैतूल और बालाघाट के एक-एक टोल प्लाजा का डेटा शामिल किया गया।

73 टोल प्लाजा पर एक महीने में 1.43 लाख वाहन घटे

इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के आंकड़ों में भी राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही में कमी दिखाई देती है। प्रदेश के 73 टोल प्लाजा से मई में 74.22 लाख वाहन गुजरे थे और फास्टैग के जरिए 40.57 करोड़ रुपये का टोल संग्रह हुआ था।

जून में इन्हीं टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की संख्या 1.43 लाख घटकर 72.79 लाख रह गई। यानी एक महीने में वाहनों की आवाजाही 1.9 फीसदी कम हुई। इसका असर टोल संग्रह पर भी पड़ा। जून में फास्टैग से टोल संग्रह 1.66 करोड़ रुपये घटकर 38.91 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह वाहनों की संख्या में 1.9 फीसदी की कमी के मुकाबले टोल संग्रह 4.1 फीसदी घटा।

राज्य की सड़कों पर भी घटा ट्रैफिक

मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड के टोल आंकड़ों में भी वाहनों की आवाजाही कम होने का रुझान सामने आया है। मई में 49 टोल प्लाजा से 12.87 लाख कार, जीप और वैन गुजरी थीं। जून में 52 टोल प्लाजा पर यह संख्या 11.91 लाख रही, जबकि जुलाई में 44 टोल प्लाजा से सिर्फ 9.67 लाख कार, जीप और वैन गुजरीं।

मई की तुलना में जुलाई में इन वाहनों की आवाजाही 24.9 फीसदी कम रही। इसी अवधि में टोल संग्रह भी घटा। मई में 1624.57 लाख रुपये की टोल वसूली हुई थी, जो जुलाई में घटकर 967.18 लाख रुपये रह गई। इस तरह तीन महीने में टोल आय में 40.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

PM की अपील से जोड़ा जा रहा निजी वाहनों की कमी का रुझान

प्रधानमंत्री की ओर से लोगों से अनावश्यक यात्रा कम करने और उपलब्ध संसाधनों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की अपील की गई थी। इसके बाद निजी वाहनों की आवाजाही में आई कमी को इस अपील के संभावित असर से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, आंकड़ों के आधार पर यह कहना मुश्किल है कि निजी वाहनों की आवाजाही में आई पूरी कमी सिर्फ प्रधानमंत्री की अपील के कारण हुई। मौसम, त्योहार, छुट्टियां, स्थानीय गतिविधियां, ईंधन की कीमत और अन्य परिस्थितियां भी हाईवे पर यातायात को प्रभावित कर सकती हैं।

13 जिलों के 29 टोल प्लाजा के आंकड़ों में 6.7% गिरावट

अध्ययन में शामिल 13 जिलों के 29 राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा के आंकड़ों में निजी वाहनों की आवाजाही में 6.7 फीसदी की कमी सामने आई है। निजी वाहनों की संख्या हाईवे पर यातायात के दबाव से सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में वाहनों की आवाजाही कम होने पर कुछ इलाकों में ट्रैफिक दबाव और ईंधन की खपत में भी कमी आ सकती है। आने वाले समय के आंकड़ों से यह पता चल सकेगा कि निजी वाहनों की आवाजाही में कमी का यह रुझान आगे भी कायम रहता है या नहीं।