उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव के ‘सीट बंटवारे’ वाले दावे पर NDA का पलटवार, सहयोगी बोले- ‘आप अपनी चिंता कीजिए’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी कुछ महीने का समय बाकी है, लेकिन सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव से पहले अपने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे की रणनीति तैयार कर रही है और इस बार सहयोगियों को पहले के मुकाबले ज्यादा सीटें दी जा सकती हैं। अखिलेश के इस दावे पर एनडीए के सहयोगी दलों और बीजेपी नेताओं ने पलटवार करते हुए उन्हें अपने गठबंधन की चिंता करने की सलाह दी है।

आरएलडी नेता बोले- हमारी चिंता हम खुद कर लेंगे

एनडीए की सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष (व्यापार) रोहित अग्रवाल ने अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपने गठबंधन की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी चिंता हम खुद कर लेंगे। रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि चुनाव से पहले अखिलेश यादव की भाषा से उनके भीतर का डर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने पांच साल तक कोई काम नहीं किया और अब चुनाव नजदीक आने पर अपनी भाषा शैली खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश अब चुनावी माहौल में सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं।

बीजेपी ने सपा पर साधा निशाना

बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने भी अखिलेश यादव के दावे पर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी से बचने की रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सपा कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे की एक अलग रणनीति पर काम कर रही है और कांग्रेस को करीब 300 सीटें दिए जाने की तैयारी है।

अपना दल ने भी अखिलेश पर किया पलटवार

एनडीए की सहयोगी अपना दल ने भी अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी के नेता और मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी केवल ट्वीट और री-ट्वीट की राजनीति नहीं करती। उन्होंने कहा कि पार्टी जमीन पर जनता के बीच काम करने और गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े रहने में विश्वास रखती है।

आशीष पटेल ने दावा किया कि एनडीए उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रहा है।

बीजेपी बोली- गठबंधन सहयोगियों पर डोरे डाल रहे अखिलेश

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के दावे को लेकर कहा कि वह कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इमरान मसूद के बयानों के जरिए अखिलेश यादव पर दबाव बना रही है। राकेश त्रिपाठी के मुताबिक, इसी वजह से अखिलेश यादव नए गठबंधन सहयोगियों की तलाश में हैं और बीजेपी के सहयोगी दलों पर नजर रख रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव जानबूझकर अफवाहें फैला रहे हैं। राकेश त्रिपाठी ने उन्हें अपनी पार्टी के भीतर की गतिविधियों पर ध्यान देने की सलाह दी और शिवपाल सिंह यादव और आजम खान की मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, “चाचा और चच्चा मिलकर दे देंगे सपा को गच्चा।”