हरियाणा

Hydrogen Train Update: जल्द जींद से सीधे दिल्ली तक दौड़ेगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, अगले चरण में 34 नई ट्रेनों की तैयारी

जींद: भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने साफ संकेत दिए हैं कि यह परियोजना केवल एक रूट तक सीमित नहीं रहेगी। अगले चरण में इस ट्रेन का संचालन जींद से दिल्ली तक बढ़ाने की तैयारी है। वहीं, देशभर में 34 और हाइड्रोजन ट्रेनों को शुरू करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।

जींद से दिल्ली तक बढ़ेगा रूट
हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि फिलहाल सोनीपत से दिल्ली तक परीक्षण का कार्य जारी है। परीक्षण पूरा होने के बाद ट्रेन को जींद से सीधे दिल्ली तक चलाने की योजना है। इससे हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी के बीच स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल सेवा का दायरा और बढ़ जाएगा।

भारत बना चुनिंदा देशों की सूची का हिस्सा
पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन ईंधन आधारित रेल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस सूची में जर्मनी, फ्रांस, इटली, चीन और ब्रिटेन जैसे देश पहले से शामिल हैं। खास बात यह है कि जहां कई देशों में दो से चार कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित हो रही हैं, वहीं भारत ने 10 कोच वाली पूर्ण यात्री ट्रेन के साथ शुरुआत की है।

कैसे चलती है हाइड्रोजन ट्रेन?
यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। फ्यूल सेल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली तैयार होती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड या धुआं नहीं निकलता, बल्कि केवल जलवाष्प उत्सर्जित होती है। यही वजह है कि इसे पर्यावरण के अनुकूल और शून्य उत्सर्जन वाली रेल तकनीक माना जाता है।

34 और हाइड्रोजन ट्रेनें लाने की तैयारी
भारतीय रेलवे का लक्ष्य आने वाले वर्षों में देश के विभिन्न चयनित मार्गों पर 34 और हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन शुरू करना है। इससे डीजल पर निर्भरता कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

रेल मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन की पूरी तकनीक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन के संचालन में पेट्रोल या डीजल की जरूरत नहीं होती और यह स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय इंजीनियरों को दिया।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हरियाणा में रेलवे से जुड़ी करीब 18 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।