बिहार

‘अपराध छोड़ो या बिहार छोड़ो’… सिवान से CM सम्राट चौधरी का बड़ा संदेश, बदमाशों पर कार्रवाई को पुलिस को खुली छूट

सिवान: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराध और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए अपराधियों को खुली चेतावनी दी है। सिवान जिले के पचरूखी प्रखंड स्थित पपौर गांव में आयोजित ‘सहयोग कार्यक्रम’ के दौरान उन्होंने कहा कि अपराधियों के सामने अब केवल दो ही रास्ते हैं—या तो वे अपराध छोड़ दें या फिर बिहार छोड़ दें।

मुख्यमंत्री मंगलवार को ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ संकल्प के तहत आयोजित जनसंवाद और सहयोग शिविर में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले उनका स्वागत हेलीपैड पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

अपराधियों को चेतावनी, पुलिस को सख्त निर्देश

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो बदमाश अपराध की राह नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपराधिक घटना को गंभीर चुनौती मानकर कार्रवाई की जाए और ऐसी घटनाओं पर 48 घंटे के भीतर प्रभावी जवाब सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

सिवान के विकास को लेकर किए कई बड़े ऐलान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सिवान और बिहार का इतिहास देश को दिशा देने वाला रहा है। उन्होंने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को नमन करते हुए कहा कि राज्य के विकास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति दी जाएगी और सिवान में भी चीनी मिल शुरू कराने की दिशा में काम होगा। इसके लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

जनसंवाद के जरिए जानी योजनाओं की जमीनी हकीकत

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से सीधे संवाद कर सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभ और क्रियान्वयन को लेकर लोगों की राय भी सुनी।

विकास और रोजगार के मुद्दे भी उठे

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे। उद्योगों में निवेश बढ़ाने, रोजगार के अवसर सृजित करने और बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू कराने की मांग उठाई गई।

इसके अलावा शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए ओवरब्रिज निर्माण तथा जलजमाव से राहत दिलाने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई।

महिलाओं की बड़ी भागीदारी बनी चर्चा का विषय

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे, जिनमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान लोगों ने विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।