राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का बड़ा हमला! सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग, 1400 करोड़ की ‘लूट’ का लगाया आरोप
नई दिल्ली: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में समयबद्ध तरीके से कराने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं और दान राशि से जुड़े मामलों में 1400 करोड़ रुपये से अधिक की “सुनियोजित लूट” को अंजाम दिया गया है। पार्टी का कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक निगरानी जरूरी है।
राष्ट्रीय स्तर पर उठाया मुद्दा
राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने के लिए कांग्रेस ने अपने उत्तर प्रदेश नेतृत्व को आगे किया। पार्टी नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था के नाम पर गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और इस पूरे मामले में पारदर्शिता का अभाव दिखाई देता है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि मंदिर निर्माण और चढ़ावे से जुड़े कई मामलों में सवाल खड़े हुए हैं, जिनका जवाब अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिया गया है।
एसआईटी जांच पर जताया अविश्वास
पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा जांच व्यवस्था से पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की संभावना कम है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि एसआईटी की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक की जाए ताकि लोगों के सामने तथ्य स्पष्ट हो सकें।
जमीन खरीद और चढ़ावे को लेकर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस ने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े भूमि सौदों और चढ़ावे की राशि के प्रबंधन पर भी सवाल खड़े किए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि जमीन खरीद से जुड़े कुछ मामलों में बाजार मूल्य और खरीद मूल्य के बीच भारी अंतर देखा गया, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
कांग्रेस का यह भी दावा है कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं में कई ऐसे मुद्दे सामने आए हैं, जिन पर अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
सरकार और ट्रस्ट की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में अब सभी की नजर जांच प्रक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
