अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद बंगाल की सियासत में हलचल, कथित ‘कट मनी’ लौटाने लगे टीएमसी नेता
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना सामने आई। इसके बाद राज्य के कई इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों से कथित तौर पर वसूली गई रकम वापस लौटाए जाने के दावे किए जा रहे हैं।
शनिवार को कोलकाता के दक्षिणी बाहरी क्षेत्र सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था। वह चुनाव बाद की कथित हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान नाराज भीड़ ने उन पर अंडे और पत्थर फेंके, जिससे क्षेत्र का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया।
ग्रामीणों को बुलाकर लौटाई गई कथित वसूली की रकम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कूच बिहार जिले के कुछ इलाकों में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को कथित रूप से पैसा लौटाया है। दावा किया जा रहा है कि यह राशि पहले ‘कट मनी’ या जबरन वसूली के जरिए एकत्र की गई थी। बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर लोगों को एकत्र कर सार्वजनिक रूप से रकम वापस की गई।
रविवार को फकिरेर कुठी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के जुटने की खबर सामने आई। यहां कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा ग्रामीणों को व्यक्तिगत रूप से धनराशि लौटाने की बात कही जा रही है। वहीं, जिन नेताओं के क्षेत्र से गायब होने की चर्चा है, वहां उनके परिजनों के माध्यम से पैसा लौटाए जाने के भी दावे किए गए हैं।
80 लाख रुपये की कथित वसूली का आरोप
स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह मामला और चर्चा में आ गया है। भाजपा के एक स्थानीय पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर के कुछ जनप्रतिनिधियों और तृणमूल नेताओं ने मिलकर ग्रामीणों से लगभग 80 लाख रुपये की वसूली की थी। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों और संभावित कार्रवाई के डर से कुछ लोग सामने आकर रकम वापस कर रहे हैं, जबकि कुछ कथित रूप से क्षेत्र छोड़ चुके हैं।
हालांकि, इन आरोपों और धनवापसी के दावों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोनारपुर घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
अभिषेक बनर्जी के साथ हुई घटना के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर विरोधी दलों और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों को दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है।
ममता बनर्जी ने उठाए सुरक्षा और लोकतंत्र पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती की जा रही है और पुलिस का इस्तेमाल जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई नेताओं ने वर्षों तक सत्ता और संगठन के लाभ उठाए, लेकिन अब निजी हितों के चलते राजनीतिक रुख बदल रहे हैं।
