हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में बेटियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, स्कूलों में सिखाए जाएंगे आत्मरक्षा के गुर; महिला आयोग अध्यक्ष का ऐलान

मंडी। हिमाचल प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर अब ठोस पहल की तैयारी शुरू हो गई है। महिला आयोग ने राज्यभर में लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने की दिशा में कदम बढ़ाने का ऐलान किया है। आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने यह घोषणा उस समय की, जब वह सरकाघाट क्षेत्र के नैण गांव पहुंचकर सिया गुलेरिया के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचीं।

उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और कहा कि आयोग इस पूरे मामले में उनके साथ मजबूती से खड़ा है। साथ ही पुलिस से रोजाना जांच की प्रगति रिपोर्ट भी ली जा रही है, ताकि न्याय प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

परिवार को जल्द न्याय दिलाने का भरोसा
विद्या नेगी ने बताया कि सिया गुलेरिया के परिजन अब तक की जांच से संतुष्ट जरूर हैं, लेकिन वे जल्द न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। आयोग भी इस मांग के समर्थन में है और मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण की तैयारी
महिला आयोग अब राज्य सरकार के साथ मिलकर स्कूलों में बेटियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने की योजना पर काम करेगा। इस पहल का उद्देश्य लड़कियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में खुद की रक्षा कर सकें।

इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए आयोग की सदस्य रीना पुंडीर, जो स्वयं राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी हैं, के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद स्कूल स्तर पर इस अभियान को लागू करने की रूपरेखा तय की जाएगी।

सामाजिक भागीदारी पर भी जोर
विद्या नेगी ने स्पष्ट किया कि बेटियों की सुरक्षा केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भी अहम भूमिका होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति नजर आता है, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सतर्कता बढ़ाकर ही असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।