उत्तर प्रदेश

मथुरा मोटरबोट हादसा: सातवें दिन यमुना में मिला लापता पंकज का शव, मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हुई

मथुरा के वृंदावन स्थित केशी घाट पर हुए दर्दनाक मोटरबोट हादसे में सातवें दिन एक और शव बरामद हुआ है। लापता चल रहे युवक पंकज का शव यमुना नदी से मिलने के बाद इस भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। शव की बरामदगी से जहां राहत दल की तलाश पूरी हुई, वहीं परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

बाबा देवराहा घाट और पानीगांव के बीच मिला शव
जानकारी के मुताबिक, बचाव दल को पंकज का शव बाबा देवराहा घाट और पानीगांव के बीच यमुना नदी में मिला। पिछले एक सप्ताह से गोताखोर और जल पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए थे। शव मिलने के बाद परिजनों का सब्र टूट गया और मौके पर भावुक माहौल बन गया।

एक सप्ताह से जारी था सर्च ऑपरेशन
हादसे के बाद से ही प्रशासन, जल पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी। पंकज के शव की तलाश के लिए यमुना के कई हिस्सों में सघन अभियान चलाया गया था, जिसके बाद आखिरकार सातवें दिन सफलता मिली।

कैसे हुआ था दर्दनाक हादसा
यह हादसा 10 अप्रैल को हुआ था, जब पंजाब से आए 132 श्रद्धालु दो बसों में वृंदावन दर्शन के लिए पहुंचे थे। श्रद्धालुओं का एक जत्था मोटरबोट के जरिए केशीघाट से यमुना पार देवराहा बाबा समाधि की ओर जा रहा था। इसी दौरान दोपहर करीब तीन बजे यमुना की गाद निकालने के लिए पैंटून पुल को बीच से खोला गया और उसे जेसीबी की मदद से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच पुल का एक हिस्सा तेज बहाव में बहकर मोटरबोट से टकरा गया, जिससे नाव क्षतिग्रस्त हो गई और श्रद्धालु पानी में गिर गए।

22 लोगों को बचाया गया, 10 शव पहले ही बरामद हो चुके थे
हादसे के तुरंत बाद पुलिस और गोताखोरों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया था। इस दौरान 22 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि 10 लोगों के शव पहले ही बरामद किए जा चुके थे। अन्य लापता लोगों की तलाश लगातार जारी थी, जिसके तहत अब पंकज का शव भी मिल गया है।