उत्तर प्रदेश

नोएडा हिंसा मामले में सपा का बड़ा ऐलान, 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा श्रमिकों से मुलाकात, अखिलेश यादव ने दिए निर्देश

नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा, झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी ने बड़ा कदम उठाते हुए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के गठन की घोषणा की है, जो 17 अप्रैल को प्रभावित श्रमिकों से मुलाकात करेगा। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिनिधिमंडल को निर्देश दिया है कि वे श्रमिकों की समस्याएं सुनें और उनके मुद्दों को मजबूती से उठाएं। प्रतिनिधिमंडल लाठीचार्ज में प्रभावित हुए लोगों के परिजनों से भी बातचीत करेगा।

10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख चेहरे
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय करेंगे। उनके साथ जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी, महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, कमाल अख्तर, विधायक अतुल प्रधान, पंकज कुमार मलिक, पूर्व एमएलसी शशांक यादव, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी और नोएडा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी सुनील चौधरी शामिल रहेंगे।

श्रमिकों की समस्याओं पर सपा का सरकार पर हमला
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कहा कि नोएडा में श्रमिकों से 10 से 11 हजार रुपये मासिक वेतन पर 10 से 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश तक नहीं दिया जाता, जिससे उनकी स्थिति लगातार खराब हो रही है।

धरना और लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष का आरोप
पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि कई महीनों से सैकड़ों श्रमिक वेतन बढ़ोतरी और ओवरटाइम भुगतान की मांग कर रहे थे। इसी क्रम में फेज-दो स्थित एक कंपनी के बाहर श्रमिक शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे, लेकिन आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने प्रदर्शन को बलपूर्वक खत्म करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।