Sunday, March 1, 2026
उत्तराखंड

रानीबाग की बंद HMT फैक्ट्री की 45 एकड़ जमीन पर बनेगा IT हब, कुमाऊं के युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

हल्द्वानी के रानीबाग क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की जमीन अब नई औद्योगिक पहचान की ओर बढ़ रही है। राज्य सरकार ने यहां आईटी हब विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि एक ही स्थान पर आईटी सेक्टर से जुड़ी विभिन्न कंपनियों के आने से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और कुमाऊं समेत पूरे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

रानीबाग के पास वर्ष 1985 में स्थापित एचएमटी फैक्ट्री का परिसर कुल 91 एकड़ में फैला था। वर्ष 2016 में फैक्ट्री का संचालन बंद होने के बाद पूरा क्षेत्र खंडहर में तब्दील हो गया। इसके बाद राज्य सरकार ने जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की।

वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने एचएमटी की 45.33 एकड़ भूमि उत्तराखंड सरकार को सौंप दी। इसके बाद इस भूमि पर मिनी सिडकुल, एम्स, हथियार फैक्ट्री और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रुप हाउसिंग जैसे कई प्रस्ताव सामने आए, लेकिन किसी भी परियोजना पर ठोस प्रगति नहीं हो सकी।

अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद एक बार फिर इस जमीन से रोजगार की उम्मीद जगी है। रामपुर रोड स्थित एफटीआई में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम धामी ने कहा कि आईटी हब बनने से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आईटी सेक्टर से जुड़ी देश की विभिन्न कंपनियां रानीबाग में स्थापित होंगी।

बिंदुखत्ता और अन्य क्षेत्रों के मुद्दों पर सरकार गंभीर

मुख्यमंत्री ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किए जाने की मांग पर कहा कि सरकार इस दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश के बापूग्राम, रामनगर के कुछ क्षेत्रों और खटीमा के बग्गा 54 सहित अन्य इलाकों के समाधान को लेकर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है।

बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण पर सीएम का बयान

बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी अवैध अतिक्रमण की बात मानी है। उनके अनुसार यह मामला पहले ही सुलझ जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसे सुप्रीम कोर्ट ले गईं। अब न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।

आईटी हब की घोषणा से रानीबाग की बंद पड़ी औद्योगिक विरासत को नई दिशा मिलने की उम्मीद है और स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का रास्ता खुल सकता है।