लाल आतंक पर बड़ा झटका: सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए फंड 20% बढ़ाया, सुरक्षा और बुनियादी विकास पर जोर
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में नक्सलवाद से निपटने के लिए बड़ा ऐलान किया है। इस बार प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए कुल 3,610.80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल के 3,006.56 करोड़ रुपये की तुलना में 20 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च तक की डेडलाइन तय की है।
सुरक्षा और विकास पर ध्यान
फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से नक्सल प्रभावित 35 जिलों में सुरक्षा, नई सड़क निर्माण, पुलिस बलों का आधुनिकीकरण और आम जनता के लिए विकास कार्यों पर किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, पिछले दस वर्षों में नक्सल हिंसा में 53 फीसदी तक कमी आई है। अब सरकार शांति और विकास दोनों पर ध्यान दे रही है।
पुलिस बलों का आधुनिकीकरण
पुलिस बलों को आधुनिक बनाने के लिए बजट में 24 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2026-27 के लिए इसे 4,061.34 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि पिछले साल यह 3,279.53 करोड़ रुपये था।
नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास और जागरूकता
बजट में आपदा प्रबंधन और मीडिया योजना के लिए 20 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इस राशि का उपयोग नक्सल प्रभावित इलाकों, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में लोगों को जागरूक करने और प्रचार करने के लिए किया जाएगा।
नक्सल घटनाओं में गिरावट
अमित शाह ने बताया कि 2014 से 2024 के बीच नक्सली घटनाओं में 53 प्रतिशत की कमी आई है। अब सरकार का लक्ष्य प्रभावित इलाकों में सुरक्षा खामियों को पूरी तरह दूर करना और स्थानीय जनता को विकास के साथ जोड़ना है।
